दिल्ली दंगा मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किए गए जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की जमानत याचिका पर आज राजधानी की अदालत में सुनवाई होगी। खालिद को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था।
वास्तव में खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई 20 अगस्त को होनी थी लेकिन जल्दी सुनवाई करने के लिए डाली गई एक याचिका के चलते इसकी तारीख 18 अगस्त कर दी गई थी। हालांकि 18 अगस्त को अतिरिक्त सेशन्स जज अमिताभ रावत ने मामले की सुनवाई को 23 अगस्त तक के लिए टाल दिया था।
इससे पहले जुलाई में जब उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी तब दिल्ली पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि इसमें कोई दम नहीं है। मालूम हो कि अदालत दिल्ली दंगों के एक अन्य मामले में उमर खालिद को जमानत दे चुकी है। जमानत देते हुए अदालत ने कहा था कि हम उमर को सिर्फ इसलिए लंबे समय तक जेल में नहीं रख सकते क्योंकि मामले के अन्य आरोपियों की पहचान की जानी है और उन्हें गिरफ्तार करना है।
इस मामले में पिछले वर्ष सिंतबर माह में आरोपपत्र दायर किया था। आरोपपत्र में जेएनयू छात्रा एवं पिंजरा तोड़ सदस्य देवगांना कलिता, आसिफ तन्हा, गुलफिशा फातिमा, कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां, जेएनयू छात्रा सफूरा जरगर, मीरन हैदर और शिफा-उर-रहमान, आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान को आरोपी बनाया गया है।