शनिवार रात एम ब्लॉक में रहने वाले संदीप की पत्नी बरखा और बहन पिंकी ने पड़ोसियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत की। उन लोगों ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले लोग स्मैक बेचने का आरोप लगाकर उसके घर को घेर लिया है और हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोषित लोगों को शांत करवाने की कोशिश की।
लोगों ने आरोप लगाया कि संदीप के परिवार वाले खुलेआम स्मैक बेचते हैं। यहां हर वक्त नशेड़ियों का जमा रहते हैं। विरोध करने पर उन्हें चाकू और गोली मारने की धमकी दी जाती है, जिससे लोग डरे सहमे हैं। लोगों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना और उपद्रव से बचने के लिए भीड़ को तितर-बितर कर दिया।
संदीप की पत्नी, बहन और बहनोई अर्जुन ने पुलिस टीम को जांच पड़ताल करने के दौरान घर में घुसने के दौरान रोका और धक्का मुक्की की। उसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि उन्होंने घर में मौजूद स्मैक को घर से लगे नाले में बहा दिया है। शक होने पर गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने गली में उनके घर से निकले नाले को खोला। वहां से दो पॉलीथिन में स्मैक बरामद हुई, जिसका वजन 450 ग्राम है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बहनें लाई थी स्मैक की खेप
पूछताछ में पता चला कि संदीप की दो अन्य बहनें रधुवीर नगर निवासी हीना और कड़कड़डूमा निवासी लक्ष्मी कुछ दिन पहले स्मैक की खेप लेकर उनके घर पहुंची थीं। पुलिस ने उनके निशानदेही पर हीना और लक्ष्मी को भी गिरफ्तार कर लिया।
फरार है सप्लायर, भगोड़ा करार करने की चल रही है तैयारी
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि संदीप मंगोलपुरी थाने में दर्ज मादक द्रव्य अधिनियम के एक मामले में फरार चल रहा है। पुलिस उसे भगोड़ा करार करने की प्रक्रिया कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। स्मैक की बिक्री रोकने के लिए उसके घर पर पुलिसकर्मी को तैनात किया जाता है। पुलिस अधिकारी का साफ तौर पर निर्देश है कि ऐसे मामले में कोई भी कर्मचारी शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।