पार्षद और विधायकों ने भी शुरू किया गली-गली टीकाकरण शिविर लगाना। स्वास्थ्य विभाग ने पहली खुराक का टीकाकरण पूरा होने के लिए की खास तैयारियां। दिल्ली में पहले से तय कुल व्यस्क आबादी 1.50 करोड़, अब तक 1.44 करोड़ को लगी एक खुराक।
करीब 10 महीने बाद दिल्ली 100 फीसदी कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए तैयार है। अगले दो सप्ताह में करीब छह लाख लोगों को पहली खुराक देने के साथ ही राजधानी में पहली खुराक का टीकाकरण 100 फीसदी तक पहुंच जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने पहली खुराक का टीकाकरण पूरा करने के लिए खास तैयारियां भी की हैं। इसके तहत पार्षद और विधायकों को भी अपने अपने क्षेत्र में टीकाकरण शिविर लगाने और जिला प्रशासन की टीमों को सहयोग करने की अपील है।
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क्षेत्रीय शिविर लगाना शुरू भी कर दिया
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी के कुछ इलाकों में राजनेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ साथ प्रशासन की टीम ने क्षेत्रीय शिविर लगाना शुरू भी कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस साल 16 जनवरी को जब कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ तो उस दौरान दिल्ली में कुल व्यस्क आबादी 1.50 करोड़ तय की गई थी। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 दिसंबर की दोपहर तक 1.44 करोड़ लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है लेकिन अभी भी 6.29 लाख लोग बचे हैं जिन्हें वैक्सीन की पहली खुराक दी जानी है। इन्हीं लोगों की तलाश में पिछले एक महीने से घर-घर जाकर सर्वे भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी माह के अंतिम सप्ताह तक यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद दूसरी खुराक के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा।
97,64,143 लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी
आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में सोमवार दोपहर तक 2.42 करोड़ टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें 1,44,50,965 लोगों को पहली खुराक दी गई है। जबकि 97,64,143 लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। इनका टीकाकरण पूरा हो चुका है। बीते 30 दिन की स्थिति पर गौर करें तो रोजाना 70 लाख से अधिक टीकाकरण दर्ज हुआ है। वहीं पिछले दो सप्ताह से यह संख्या एक लाख से अधिक पहुंच गई है।
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35 लाख से अधिक खुराक भंडारण में
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस समय राज्य सरकार के पास करीब 35 लाख से भी अधिक वैक्सीन की खुराक भंडारण में मौजूद हैं। पहली खुराक का लक्ष्य हासिल करने तक सरकार के पास पर्याप्त खुराक उपलब्ध हैं और इनका इस्तेमाल दूसरी खुराक के टीकाकरण में भी किया जा रहा है। अगर राजधानी के रोजाना औसतन टीकाकरण के हिसाब से देखें तो करीब एक महीने का भंडारण सरकार के पास बतौर एडवांस में उपलब्ध है।