दिल्ली सरकार ने राजधानी में संपत्तियों के लिए सर्किल दरों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने इस बारे में लोगों से उनकी राय मांगी है। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विभाग की टीम विभिन्न प्रकार की भू-संपत्तियों के लिए सर्किल दरों का आकलन कर रही है। समिति द्वारा एक महीने के भीतर इस रिपोर्ट के सौंपे जाने की संभावना है।
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राजधानी में अंतिम बार 2014 में सर्किल दरों को बढ़ाया गया था। क्षेत्र के हिसाब से फिलहाल सर्किल दरों को आठ श्रेणियों ‘ए’ से ‘एच’ में बांटा गया है। वसंत विहार जैसे पॉश इलाकों को ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है। इसका सर्कल रेट 7.74 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर जबकि नंद नगरी जैसे सबसे कम विकसित इलाकों को ‘एच’ श्रेणी में रखा गया है। इसका सर्किल रेट 23,280 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
सर्कल रेट रिवीजन पर फीडबैक लेने के लिए दिल्ली के सभी 11 राजस्व जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया है। पूर्वी दिल्ली जिले में सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों के मालिकों से सर्किल दरों के संबंध में लिए गए सुझाव और आपत्तियों को 31 जुलाई तक राजस्व विभाग को सौंपना है।