मौसमी दशा बदलने की वजह से सोमवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने इसके लिए मौसमी दशाओं में होने वाले बदलाव को जिम्मेदार बताया है। हवा के गंभीर होते ही दिल्ली-एनसीआर में और पाबंदियां लागू हो जाएंगी। वहीं, बीते 24 घंटे में शनिवार के मुकाबले औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कमी आई है। दिल्ली समेत एनसीआर की हवा बेहद खराब श्रेणी में रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रविवार को हवा की रफ्तार बढ़ने और वेंटिलेशन इंडेक्स समेत अन्य मौसमी दशाओं का साथ देने की वजह से बीते एक दिन के मुकाबले हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। रविवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी और रफ्तार आठ से 10 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। मिक्सिंग हाइट का स्तर 1600 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 7700 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रहा। मौसमी दशाओं का साथ देने की वजह से हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ।
दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में लगातार पराली के धुएं के हिस्सेदारी दर्ज हो रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, बीते 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम भारत में 1761 पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं, जिससे उत्पन्न होने वाले प्रदूषकों की पीएम 2.5 में 26 फीसदी हिस्सेदारी रही है। यह इस सीजन में सबसे अधिक है। वहीं, 2.5 माइक्रोमीटर से बड़े कणों की पीएम10 में 54 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई।
पीएम 10 का स्तर 274 और पीएम 2.5 का स्तर 160 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इस वर्ष दीपावली पर पराली के धुएं की पीएम 2.5 में पांच से आठ फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई थी, जबकि पिछले वर्ष दीपावली पर 25, 2020 में 32 और 2019 में 19 फीसदी हिस्सेदारी रही थी। बीते तीन दिनों में शनिवार को 1898 और शुक्रवार को इस सीजन की सबसे अधिक 2067 पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई थी। बता दें कि बीते वर्ष सात नवंबर में पीएम 2.5 में पराली के धुएं के अधिकतम हिस्सेदारी 48 फीसदी पहुंची थी।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) का पूर्वानुमान है कि सोमवार को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी के साथ आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। वहीं, मिक्सिंग हाइट 1500 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 2900 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड दर्ज किया जा सकता है। इसके अगले दिन हवा की दिशा बदलकर दक्षिण-पूर्वी हो जाएगी व रफ्तार घटकर छह से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है।
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