आरोपी संग्राम सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह विकासपुरी में स्थित एक रेस्तरां के मालिक से प्रोटेक्शन मनी मांग रहा था। उसकी महिला दोस्त उसी रेस्त्रा में काम करती थी। रेस्त्रा मालिक ने रंगदारी दने से मना कर दिया था और इसकी जानकारी विकास लगरपुरिया गिरोह को दे दी। विकास ने नजदीकी अंकित गुलिया ने संग्राम सिह को प्रोटेक्शन मनी देने से मना करवा दिया था। इस पर पर दोनों के बीच दुश्मनी पैदा हो गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संग्राम के खिलाफ पहले से साउथ कैंपस, सागरपुर व अपराध शाखा में मामले दर्ज हैं। पिता की मौत के बाद 18 साल की आयु में ही संग्राम अपराध की दुनिया में शामिल हो गया। वर्ष 2018 में तिहाड़ में ये सद्दाम गौरी के संपर्क में आया और उसके बाद उसके गिरोह का सदस्य बन गया। एरिया में धाक जमाने के लिए इसने वर्ष 2018 में जोग्गा नामक बदमाश पर फायरिंग की थी। इसके बाद ये रंगदारी मांगने लगा था।