उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर शिवकुमार को चार जुलाई को सूचना मिली थी कि दीपक गुलिया चार व पांच जुलाई की रात 11 से 12 बजे के बीच राजधानी कॉलेज, रिंग रोड के पास किसी साथी से मिलने आएगा। एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिवकुमार व एसआई राजेश कुमार की टीम ने राजधानी कॉलेज के पास घेराबंदी कर गांव दरियापुर, बादली हरियाणा निवासी दीपक गुलिया (31) को गिरफ्तार कर लिया। ये फिलहाल राणा रेजीडेंसी, राजाराम विहार, आईटी पार्क देहरादून में रह रहा था। इसके पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए गए।
दीपक गुलिया कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी के सबसे भरोसेमंद सदस्यों में से एक है। वह संदीप के भाई प्रदीप का साला है, जो वर्तमान में रोहतक, हरियाणा की सुनारिया जेल में बंद है। दीपक गुलिया ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह अपने खिलाफ दो आपराधिक मामलों यानी धोखाधड़ी के एक मामले और रुपये के आपराधिक गबन के एक मामले में जमानत मिलने के बाद फरार था। इसने वर्ष 2018 में पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर रियल एस्टेट एजेंट से 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए थे। दूसरा मामला गुरुग्राम का चैक बाउंस का है।
काला जठेड़ी के निर्देशों पर कर रहा था काम
दीपक गुलिया ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह संदीप के गैंग के लिए उसके दिए गए निर्देशों पर काम कर रहा था। उसकी संदीप से पहली मुलाकात हरियाणा की सुनारिया जेल में वर्ष 2018 में हुई थी। दीपक गुलिया ने अपनी बहन की शादी प्रदीप के साथ वर्ष 2019 में संदीप के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए कर दी थी, ताकि उसे अपने शराब व्यवसाय में लाभ मिल सके।
दीपक गुलिया हरियाणा में शराब के धंधे से जुड़ा रहा है। वर्तमान में तीन शराब की दुकानें (चंडीगढ़ में एक और यमुना नगर में दो) हैं। दिल्ली में मकोका के एक मामले में संदीप की गिरफ्तारी के बाद से वह गिरोह की अवैध गतिविधियों जैसे धमकी देना, व्यवसायियों से सुरक्षा राशि की वसूली कर रहा था।
संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसके गिरोह के इशारे पर पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर, सट्टा संचालक, शराब कारोबारी से रंगदारी वसूल रहा था। वह संदीप और उसकी प्रेमिका अनुराधा के नियमित संपर्क में था। अनुराधा पहले पहले राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल की सहयोगी थी। आनंदपाल मुठभेड़ में मारा गया था।