राजधानी दिल्ली के राव आईएएस स्टडी सेंटर में हादसे के मामले में पुलिस ने केज दर्ज कर लिया है। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले छात्र और दो छात्राओं की भी पहचान हो गई है। उनके परिवार को सूचना दे दी गई है।
मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। तीन छात्रों की मौत की दुखद घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुटी है। तीनों छात्रों की पहचान हो गई है। उधर, दिल्ली पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक और समन्वयक को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा कि हमने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। हमारी फोरेंसिक टीमें यहां हैं। फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि हम सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि तलाशी अभियान का एक अंतिम दौर चल रहा है। एनडीआरएफ ने तीन शव बरामद किए हैं। इन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। पानी को लगातार पंप से निकाला जा रहा है। तलाशी अभियान का अंतिम दौर चल रहा है। फंसे हुए कुछ छात्रों को बचा लिया गया है, उनमें से तीन को अस्पताल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
तीन शवों के अलावा, 13 से 14 अन्य लोगों को बचाया गया है वो सभी ठीक हैं। डीसीपी हर्षवर्धन ने कहा कि शव बरामद होने के बाद छात्रों के एक समूह ने घटनास्थल पर एमसीडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने सभी छात्रों से विरोध प्रदर्शन न करने का आग्रह किया क्योंकि इससे बचाव कार्य में बाधा आएगी।
उधर, आप सरकार की आलोचना करते हुए दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल, आतिशी और उनकी सरकार के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। दिल्ली नगर निगम के भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। इस बात की जांच होनी चाहिए कि नाले की सफाई क्यों नहीं की गई। क्या वे इसकी जांच का आदेश देंगे?"
दरअसल, दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित सिविल सर्विस की तैयारी कराने वाले राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में पानी भरने से दो छात्राओं व एक छात्र की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश के चलते मुख्य रोड पर पानी भर गया और तल नीचे होने से ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित सेंटर के बेसमेंट में भी पानी भरने लगा। इस दौरान पढ़ाई कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए सीढ़ी के रास्ते भागने लगे।
इस बीच कई छात्र-छात्राएं वहां फंस गए। इनमें से तीन की मौत हो गई। एक छात्रा की पहचान तेलंगाना की तान्या के रूप में हुई है। दो अन्य की भी पहचान हो गई है। इनमें नेविन डालविन और श्रेया यादव थी। नेविन केरल का रहने वाला था। वह जेएनयू से पीएचडी भी कर रहा था। करीब आठ महीने से वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा था। श्रेया यादव यूपी के अंबेडकर नगर की रहने वाली थी।पुलिस ने उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है।
क्षमता से अधिक कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं छात्र
राजधानी में कोचिंग संस्थानों के संचालक छात्रों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। वह नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहे हैं। इन कोचिंग संस्थाओं में न तो ठीक से निकासी द्वार हैं और न ही प्रवेश द्वार। सीढ़ियों पर ही बिजली के मीटर लगे हुए हैं। यही नहीं तंग सीढ़ियों से एक बारी में केवल एक छात्र ही आ जा सकता है।
भवन मालिकों से किराए पर जगह लेने के वक्त न तो सुरक्षा से संबंधित पहलुओं का ध्यान दिया जाता है और न ही इसके लिए कोई फिक्रमंद है। संचालकों की कोशिश रहती है कि कम से कम खर्च में अधिक से अधिक कमाई कैसे की जाए। इस चक्कर में अपना भविष्य संवारने के लिए संस्थानों पर पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं पर लगातार हादसों का खतरा बना है।