दिल्ली पुलिस की ओर से सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा गया है कि पीसीआर यूनिट जिला पुलिस व थानों से 30 मार्च, 2023 तक अलग हो जाएंगी। अभी 5219 पीसीआर कर्मी और 750 पीसीआर वैन जिला पुलिस के अधीन काम कर रही हैं। पूर्व आयुक्त अस्थाना ने एक सितंबर, 2021 को एक आदेश पारित कर पीसीआर का थानों में विलय करने के साथ-साथ विशेष पुलिस आयुक्त, पीसीआर और उपायुक्त, पीसीआर के पद भी खत्म कर दिए थे। कंझावला कांड के समय भी पीसीआर वैन समय पर नहीं पहुंच सकी थी। इस मामले में छह पीसीआर कर्मी सस्पेंड किए गए थे।
इसके बाद नए पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने पीसीआर सिस्टम पर स्टडी कराई। स्टडी में पाया गया कि विलय के फैसले में कई विसंगतियां हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी एक सकुर्लर में कहा गया है कि एक वर्ष के अंदर ही पता चल गया कि पीसीआर का थानों में विलय करने से कोई फायदा नहीं हुआ है। हालांकि, 30 मार्च तक पीसीआर वैन की जिम्मेदारी जिला पुलिस के पास ही रहेगी।