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Delhi: पुलिस आयुक्त का फैसला, अब थानाध्यक्षों के अधीन काम नहीं करेंगी पीसीआर; बनाया गया अलग यूनिट

Mon, 27 Feb 2023 08:15 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मिली जानकारी के मुताबिक 30 मार्च तक पीसीआर यूनिट जिला पुलिस से अलग हो जाएगी। अभी 5219 पीसीआरकर्मी और 750 पीसीआर वैन जिला पुलिस के अधीन काम कर रही है।
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delhi police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है। पुलिस आयुक्त ने पूर्व आयुक्त के फैसले को बदलते हुए पीसीआर को फिर से अलग यूनिट बना दिया है। शुरू से ही इस फैसले को गलत बताया जा रहा था। कंझावला कांड के बाद पीसीआर वैन पर सवाल उठने लगे थे। बताया जा रहा है कि स्टडी कराकर व सभी अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर पुलिस आयुक्त ने यह कदम उठाया है।

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दिल्ली पुलिस की ओर से सोमवार शाम जारी एक बयान में कहा गया है कि पीसीआर यूनिट जिला पुलिस व थानों से 30 मार्च, 2023 तक अलग हो जाएंगी। अभी 5219 पीसीआर कर्मी और 750 पीसीआर वैन जिला पुलिस के अधीन काम कर रही हैं। पूर्व आयुक्त अस्थाना ने एक सितंबर, 2021 को एक आदेश पारित कर पीसीआर का थानों में विलय करने के साथ-साथ विशेष पुलिस आयुक्त, पीसीआर और उपायुक्त, पीसीआर के पद भी खत्म कर दिए थे। कंझावला कांड के समय भी पीसीआर वैन समय पर नहीं पहुंच सकी थी। इस मामले में छह पीसीआर कर्मी सस्पेंड किए गए थे।
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इसके बाद नए पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने पीसीआर सिस्टम पर स्टडी कराई। स्टडी में पाया गया कि विलय के फैसले में कई विसंगतियां हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी एक सकुर्लर में कहा गया है कि एक वर्ष के अंदर ही पता चल गया कि पीसीआर का थानों में विलय करने से कोई फायदा नहीं हुआ है। हालांकि, 30 मार्च तक पीसीआर वैन की जिम्मेदारी जिला पुलिस के पास ही रहेगी।
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