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दिल्ली: जनकपुरी इलाके में चल रहा था कॉल सेंटर, 11 आरोपी गिरफ्तार, 117 सिम कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद

Thu, 17 Feb 2022 10:22 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों से ओमान क्रेडिट कार्ड धारकों को फर्जी कॉल सेंटर के जरिए ठग रहा था। उसने दो युवती को टेलीकॉलर के रूप में रखा था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने अबतक 50-70 लाख रुपये तक की कमाई कर चुके हैं। उसके पास 50 हजार कार्ड धारकों का डाटा मौजूद था। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जनकपुरी में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाने, जारी किए गए नए कार्ड कोसक्रिय करने और बोनस देने के बहाने ठगते थे।

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पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि अपराध शाखा ठगी करने वालों पर निगरानी रख रही थी। हवलदार योगेंद्र और सिपाही महा सिंह को सूचना मिली थी कि ओमान नाम का व्यक्ति दिल्ली के जनकपुरी में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है। सूचना को आला अधिकारियों को बताया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 31 जनवरी को पुलिस ने जनकपुरी के महावीर नगर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 102 सिम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, ठगे गए व्यक्तियों के विवरण आदि बरामद की। उसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर फर्जीवाड़ा में शामिल कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान कैराना, शामली यूपी निवासी ओमान के रूप में हुई है। पकड़े गये अन्य लोगों की पहचान मोहम्मद कैफ, मोहम्मद सादिक, हासिम, फैजान, साजन सिंह,विशाल, रविकुमार, परविंदर सहरावत, संजय पंडित के रूप में हुई है। 

क्रेडिट कार्ड बेचने से कॉल सेंटर तक का सफर
जांच में पता चला कि ओमान 12वीं तक की पढ़ाई कर चुका है। वह क्रेडिट कार्ड बेचने का काम करने लगा। 2015 में उसने दो महीने तक एक कंपनीमें काम किया। फिर उसने जनकपुरी में क्रेडिट कार्ड बेचने के लिए एजेंसी की शुरूआतकी। फिर वह फर्जी कॉल सेंटर खोलकर अलग-अलग साइट्स पर नौकरी का आवेदन करने वाले को ठगना शुरू किया। वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करवाता था।

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