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Delhi: नाइजीरिया से कॉल कर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ओएसडी से ठगी, दो लाख के अमेजन वाउचर मंगवाए

Mon, 01 Aug 2022 08:50 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

ओएसडी ने बॉस का आदेश मानकर ऐसा ही किया और वाउचर खरीदकर एक नंबर पर भेज दिए। बाद में उनको ठगी का पता चला तो उत्तरी जिला साइबर थाने में शिकायत दी गई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो पता चला कि ठगी के लिए कॉल नाइजीरिया से की गई थी।
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह के ओएसडी से ठगी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह के ओएसडी ठगी का शिकार हो गए। किसी ने व्हाट्सएप पर निर्वाचन अधिकारी की डीपी (फोटो) लगाकर उनके ओएसडी जितेंद्र लाल गुप्ता से दो लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को रणबीर सिंह बताकर तुरंत दो लाख के अमेजन वाउचर खरीदकर भेजने की बात की।

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ओएसडी ने बॉस का आदेश मानकर ऐसा ही किया और वाउचर खरीदकर एक नंबर पर भेज दिए। बाद में उनको ठगी का पता चला तो उत्तरी जिला साइबर थाने में शिकायत दी गई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो पता चला कि ठगी के लिए कॉल नाइजीरिया से की गई थी। आरोपियों ने हरियाणा के यमुनानगर में एक मजदूर के मोबाइल नंबर को हैक किया हुआ था। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

जितेंद्र लाल गुप्ता दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह के ओएसडी हैं। वह उत्तरी दिल्ली के ओल्ड स्टीफंस बिल्डिंग में बैठते हैं। पुलिस को दिए बयान में पीड़ित ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक अनजान मोबाइल नंबर से मैसेज आया। व्हाट्सएप नंबर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की डीपी लगी हुई थी। जितेंद्र को लगा कि मैसेज निर्वाचन अधिकारी ने ही किया है।

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उन्होंने बताया कि मैसेज करने वाले व्यक्ति ने उनसे उनकी लोकेशन पूछी। इसके बाद कहा कि वह जरूरी मीटिंग में हैं और कॉल उठाने की स्थिति में नहीं हैं। आरोपी ने जितेंद्र से कहा कि वह तुरंत दो लाख रुपये के अमेजन गिफ्ट वाउचर खरीदकर उनको भेजे। पीड़ित ने उसी नंबर पर कॉल कर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मैसेज कर व्यस्त होने की बात की। मैसेज को सच मानकर जितेंद्र गिफ्ट वाउचर खरीदने में लग गए। किसी वजह से उनका अमेजन अकाउंट ब्लॉक हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने साथी संदीप तिवारी के अकाउंट से वाउचर खरीदे, जिसकी पेमेंट उन्होंने अपने खाते से ही की।

जितेंद्र ने बताया कि बाद में खरीदे गए वाउचर उसी व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिए गए। जब पीड़ित ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सरकारी नंबर पर कॉल की तो पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं। मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
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