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Delhi Excise Policy: मौजूदा आबकारी नीति की मियाद एक महीना और आगे बढ़ी, उप-राज्यपाल ने दी मंजूरी

Mon, 01 Aug 2022 08:18 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

शराब पीने के शौकीन अगले एक महीने तक उसी दुकान से शराब ले सकेंगे, जहां से वह बीते महीने तक खरीदारी करते थे। वहीं, क्लब व रेस्टोरेंट से भी पहले की तरह सुविधा मिलती रहेगी। इस बीच सरकार पुरानी पॉलिसी को लागू करने से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेगी।
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दिल्ली की आबकारी नीति एक महीने बढ़ी - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को एक महीने तक बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार के इससे जुड़े प्रस्ताव पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को मंजूरी दे दी।

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शराब पीने के शौकीन अगले एक महीने तक उसी दुकान से शराब ले सकेंगे, जहां से वह बीते महीने तक खरीदारी करते थे। वहीं, क्लब व रेस्टोरेंट से भी पहले की तरह सुविधा मिलती रहेगी। इस बीच सरकार पुरानी पॉलिसी को लागू करने से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेगी। ऐसा होने की सूरत में अगले महीने से सरकारी दुकानों पर शराब की बिक्री होगी।

दरअसल, मौजूदा आबकारी नीति को वापस लेने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव से इस बाजार में अफरातफरी मची थी। वह इसलिए भी कि 31 जुलाई को सभी दुकानों का लाइसेंस खत्म हो गया था। बगैर इसका नवीकरण कराए वह शराब नहीं बेच सकते थे। दूसरी तरफ सरकार ने रविवार देर रात मौजूदा आबकारी नीति को एक महीने के लिए बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन सरकार के इस प्रस्ताव पर उराज्यपाल से इजाजत नहीं मिली थी। इसका असर भी सोमवार को बाजारों में दिखा। शराब की सभी दुकानें सुबह के वक्त बंद नजर आईं।
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राजनिवास के सूत्रों के अनुसार, रविवार रात दिल्ली सरकार ने वर्तमान आबकारी नीति को एक महीने तक बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। इसमें बिंदुवार अनियमितताओं व विसंगतियों को दर्शाते हुए भ्रम को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे गड़बड़ियां दूर हो सकेंगी। उपराज्यपाल ने प्रस्ताव पर नोटिंग दी है कि मौजूदा रिटेल लाइसेंस और थोक का समय बढ़ाने से जुड़े प्रस्ताव से सहमत होने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

जिनका लाइसेंस 31 जुलाई को समाप्त हो गया है, उसे स्टॉक क्लीयरेंस के लिए एक महीने का समय दे दिया गया है। इससे शराब की अनधिकृत बिक्री पर रोक लगेगी। साथ ही अधिकृत शराब की अनुपलब्धता से कानून-व्यवस्था को भी खतरा नहीं पैदा होगा।

एक तरह से सरकार ने अनियमितता को स्वीकारा:राजनिवास सूत्र

राजनिवास के सूत्रों ने बताया कि पूरी तरह से यू-टर्न लेने वाली दिल्ली सरकार अब पुरानी आबकारी नीति लागू करना चाह रही है। इससे साफ है कि नई आबकारी नीति में गंभीर अनियमितता है। राजनिवास सूत्रों ने यह भी बताया कि पुरानी नीति पर वापस जाने से साफ है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मान लिया है कि अनियमितताएं और विसंगतियां थीं। इसी वजह से उपराज्यपाल ने आबकारी नीति को सीबीआई से जांच कराने का प्रस्ताव किया है।

उनका कहना है कि दिल्ली सरकार का कैबिनेट नोट भी सीबीआई को अपराध स्थापित करने और दोषियों को पकड़ने में मददगार साबित हो सकता है। इसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की भी भागीदारी है। बहुप्रचारित आबकारी नीति पर अचानक से 15 दिनों में यू-टर्न आम आदमी पार्टी और उसके गंभीर भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
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सिलसिलेवार खामियों को बताया

राजनिवास सूत्रों ने एक बार फिर दोहराया कि इस नीति से राजस्व में कमी आई है। 1485 करोड़ की वसूली हुई, जो कि चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान से 37.51 प्रतिशत कम है। रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट भी शामिल है। यह निजी लाइसेंस धारकों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसमें नौ क्षेत्रीय जोन में खुदरा लाइसेंसधारियों ने अप्रैल से विस्तार अवधि के दौरान लाभ नहीं उठाया है।

उन्होंने बताया कि तीन और क्षेत्रीय खुदरा लाइसेंसधारियों ने जुलाई से आगे लाइसेंस विस्तार नहीं करवाया। 14 थोक लाइसेंसधारियों में से चार ने लाइसेंस बंद करने का विकल्प चुना है। आबकारी विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में शराब की बिक्री में वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में व्हिस्की 59.46 प्रतिशत और वाइन में 87.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

शराब की दुकानों की संख्या में कम रही। चालू होने वाली दुकानों की कुल संख्या 849 निर्धारित की गई थी लेकिन महज 468 के करीब दुकानें ही खुली। विशेष ब्रांड की भी कमी देखी गई। प्रीमियम आयातित ब्रांड कई दिनों से शराब की दुकानों पर उपलब्ध नहीं रहा। क्योंकि ऐसे ब्रांडों के एकमात्र थोक विक्रेताओं ने आपूर्ति बंद कर दी है। इससे यह साफ हो जाता है कि आबकारी नीति 2021-22 को जारी रखने से कुछ लाइसेंस धारकों को अप्रत्याशित लाभ पहुंचाया जाता। जानबूझकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भ्रम, अराजकता और अनिश्चितता पैदा की है।
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