दिल्ली एम्स में आठ करोड़ के घोटाले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) करेगी। एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्रविज्ञान संस्थान (आरपी सेंटर) में चिकित्सीय समान की खरीदी में यह घोटाला हुआ है जिसके चलते एम्स प्रबंधन अब तक दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुका है। जबकि एक महिला कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से सिफारिश की है।
जानकारी मिली है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं एम्स प्रबंधन ने भी प्रारंभिक जांच में घोटाले की पुष्टि करते हुए दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि एम्स ने पुलिस को जांच से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एम्स प्रबंधन की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई है। फिलहाल इस पूरे घोटाले में शामिल लोगों की जांच की जा रही थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में एम्स के कई बड़े अधिकारी और डॉक्टरों से पुलिस पूछताछ भी कर सकती है। चर्चा यहां तक है कि इसमें एम्स के कुछ पूर्व पीठासीन अधिकारी और वर्तमान में कुछ विभागों के मुखियाओं से भी पूछताछ हो सकती है।
बहरहाल इस पूरे मामले में एम्स प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। एम्स प्रबंधन के किसी भी अधिकारी ने अब तक इस घोटाले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी अब तक इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी है। जबकि वे लगातार कोरोना महामारी को लेकर विशेषज्ञ के तौर पर सलाह दे रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भी इस घोटाले से जुड़ा कोई भी सवाल नहीं स्वीकार किया जा रहा।