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दिल्ली: भारत बंद का असर बाजार व फैक्ट्री पर रह सकता है बेअसर, बाजार भी खुले

Mon, 27 Sep 2021 01:16 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली के ज्यादातर मार्केट एसोसिएशन ने बंद का समर्थन नहीं किया है।  दिल्ली के बाजार आज भी आम दिनों की तरह खुले हुए हैं।
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किसानों का भारत बंद - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत बंद का असर दिल्ली में ना के बराबर पड़ सकता है। राजनीतिक पार्टियों ने बंद को समर्थन देने का जरूर एलान किया है। लेकिन व्यापारिक संगठनों को इस बंद से लेकर कोई सरोकार नहीं है। ज्यादातर व्यापारिक नेताओं ने सोमवार को बाजार व दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। यह भी कहा है कि बंद को लेकर व्यापरियों के बीच किस तरह की अपील भी नहीं की गई है और ना ही व्यापारिक संगठनों ने ही इस तरह की कोई बैठक की है।

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कोविड की वजह से वैसे ही आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई
सोमवार को भारत बंद का असर दिल्ली में बेअसर रहने की संभावना है। फैक्ट्री, दुकान, मॉल, जिम, फटपाथ मार्केट समेत ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि त्योहार के महीने में बंद का कोई मतलब नहीं है। कोविड की वजह से वैसे ही आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई है। किसानों के समर्थन में भारत बंद का ऐलान किया गया है, लेकिन दिल्ली के कृषि उपकरणों से जुड़े मार्केट ऑटो मोटिव एंड जेनरल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन मोरी गेट ने बाजार को खोले रखने का निर्णय लिया है। 

बंद रोजी-रोटी के समस्या का समाधान नहीं
एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन पोद्दार का कहना है कि समस्या का समाधान बाजार बंद करने से नहीं जापान की तरह ज्यादा घंटे काम करके विरोध जताने का है। बंद से नुकसान व्यापारियों का ही नहीं मजदूरों का ही होता है। ओल्ड मिनी मार्केट जनपथ के प्रधान विनोद शर्मा ने कहा कि बाजार बंद करने का अभी तक किसी तरह का एजेंडा नहीं है। सभी दुकानें खोली जाएंगी। बंद रोजी-रोटी के समस्या का समाधान नहीं है।
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कश्मीरी गेट ऑटोमोटिव पार्ट मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय नारंग ने बताया कि बाजार का बंद से कोई लेना देना नहीं है। सभी बाजार आम दिनों की तरह ही खुलेंगी। किसी का नोटिफकेशन भी बंद को लेकर नहीं आया है। सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएश के देवराज बावेजा का कहना है कि बंद को लेकर ना तो कोई मीटिंग हुई और ना ही किसी तरह की मुहिम ही चली है। 

त्योहारी सीजन में बाजार बंद करना मुश्किल होता है। सभी को उम्मीद रहता है कि सीजन बेहतर निकले ताकि पूरा साल कारोबार पर असर नहीं पड़े। करोल बाग ट्रेडर्स फेडरेशन के महासचिव रामलाल ने कहा कि दिल्ली में किसी व्यापारी का बंद में दिलचस्पी नहीं है। सरोजनी नगर बाबू मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कार्तिक लाल व मिनी मार्केट के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने भी कहा कि बाजार खुली रहेंगी।

किसानों ने जीना मुहाल किया है: फैक्ट्री संचालक
सूक्ष्म व लघु उद्योग क्षेत्र में कार्यरत लघु उद्योग भारती ने भी बंद का समर्थन नहीं किया है। दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र नागपाल ने कहा है कि किसानों के धरने-प्रदर्शन की वजह से फैक्ट्री संचालकों का ही नहीं मजदूरों का भी रोजगार छीन गया है। बहादुर गढ़ स्थित मॉडर्न इंडस्ट्रीयल स्टेट के पास धरने पर बैठे किसानों की वजह से फैक्ट्री तक नहीं खुल पा रही है। दिल्ली इंडस्ट्रीयल एरिया में भी फैक्ट्री खुली रहेंगी और प्रोडक्शन होगा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑन स्मॉल एंड माइक्रो इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि फैक्ट्री को बंद करने का किसी तरह का निर्णय नहीं हुआ है।

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