पश्चिमी दिल्ली को उत्तरी दिल्ली से जोड़ने वाले शिवाजी मार्ग पर जाम से जूझ रहे लोगों को राहत दिलाने के लिए 2.2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकार नियुक्त किया है। फ्लाईओवर के निर्माण होने से यह मार्ग सिग्नल फ्री हो जाएगा। इससे पंजाबी बाग चौराहे पर यातायात का भार भी कम होगा।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर बनने से मध्य और पश्चिमी दिल्ली से रोहतक रोड तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक एलिवेटेड मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। चार लेन का यह फ्लाईओवर नजफगढ़ रोड (शिवाजी मार्ग) पर बनेगा। कर्मपुरा और जखीरा फ्लाईओवर को नए फ्लाईओवर से जोड़ने के लिए दोनों छोर पर कनेक्टिंग लूप बनाए जाएंगे। इनकी मदद से शिवाजी मार्ग से रोहतक रोड या ओल्ड रोहतक रोड पर जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। ट्रैफिक का सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सलाहकार को नियुक्त किया गया है। पंजाबी बाग चौराहे के पास 13 मार्च को रिंग रोड पर तीन लेन वाले मोती नगर फ्लाईओवर का उद्घाटन सीएम ने किया था।
तीन सिग्नल होंगे बंद
अधिकारियों ने बताया कि नए फ्लाईओवर के निर्माण से डीएलएफ कॉलोनी, मोती नगर, कर्मपुरा, नारंग कॉलोनी, चंदर नगर, जनकपुरी, रमेश नगर, उत्तम नगर और आसपास के इलाकों के निवासियों को जाम से राहत मिलेगी। यह फ्लाईओवर आनंद पर्वत से कर्मपुरा फ्लाईओवर और मोती नगर के बीच के क्षेत्र में भीड़भाड़ कम करने में मदद करेगा, क्योंकि इससे वाहन चालकों को तीन सिग्नल और शिवाजी मार्ग पर जखीरा व कर्मपुरा फ्लाईओवर के बीच तीन किलोमीटर लंबे हिस्से पर बने गोलचक्कर को पार करने के दौरान भीषण जाम का सामना करना पड़ता है।