दिल्ली-एनसीआर में बुधवार सुबह 11.00 बजे के बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और दिन में ही काले बादल छा गए। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं और तेज बारिश भी शुरू हो गई है, जिससे उमस व गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली, गाजियाबाद समेत नोएडा के अन्य इलाकों में भी बेहद तेज हवाएं चलने व बारिश से राहगीरों को भी परेशानी हो रही है।
बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्से जलमग्न हो गए। प्रगति मैदान क्षेत्र में सड़कों पर जल जमाव हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो घंटों के अंदर बादलों की गरज के साथ दिल्ली-एनसीआर (लोनी-देहात, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), गोहाना, गन्नौर, सोनीपत(हरियाणा), बड़ौत, बागपत, खेखड़ा, हस्तिनापुर, खतौली में हल्की से लेकर तेज बारिश तक होगी।
बीते 19 सालों में सबसे देरी से मानसून ने दी दस्तक
पिछले कई दिनों से रूठे हुए मानसून का मौन मंगलवार को टूट गया। सुबह से रुक-रुक हुई झमाझम बारिश ने लोगों को तपती गर्मी से राहत दिलाई। यह बीते 19 सालों में पहली बार है जब मानसून इतनी देरी से दिल्ली पहुंचा है। इससे पहले वर्ष 2002 में 19 जुलाई को मानसून ने दस्तक दी थी। अगले 24 घंटों में भी बारिश को लेकर यलो अलर्ट है और तेज बारिश की संभावना है।
पिछले चार दिनों से बंगाल की खाड़ी से निचले स्तर पर हवाएं चल रही थी। इस वजह से नम हवाओं के साथ दक्षिण-पश्चिचम मानसून की उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में बारिश को लकेर स्थितियां बनी हुई थी। लेकिन, पड़ोसी राज्यों में बारिश होने के बाद भी दिल्ली वासियों को बारिश को लेकर इंतजार करना पड़ रहा था।
इस बीच सोमवार की रात मौसम ने करवट ली और अलसुबह से ही दिल्ली में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। दिनभर रूक-रूक बारिश होती रही और चढ़ते पारे से लोगों को राहत मिली। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम के समय कुछ देर के लिए धूप निकली। इस वजह से कुछ देर के लिए लोगों को उमस भी महसूस हुई।