दादरी के रामगढ़ गांव में जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे अंसल-सर्वोत्तम बिल्डर के बाउंसरों और किसानों के बीच टकराव हो गया। बिल्डर के बाउंसरों ने किसानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में कई किसान घायल हो गए। किसानों ने बाउंसरों पर फायरिंग का भी आरोप लगाया गया। घटनास्थल से कई खोखे भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह शांत कराया। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। दादरी कोतवाली क्षेत्र के तहत रामगढ़ गांव में नए जमीन अधिग्रहण कानून के तहत सुविधा देने की मांग को लेकर माह से किसान अंसल-सर्वोत्तम बिल्डर के खिलाफ धरना दे रहे हैं। आरोप है कि एक सप्ताह पहले बिल्डर ने रात में किसानों के खेतों में गड्ढे बनाकर कब्जा कर लिया था। जिस पर दूसरे दिन किसानों ने फिर से कब्जा कर लिया। उसी दिन से किसानों ने धरना शुरू कर दया।
इस बीच में किसानों और बिल्डर के प्रतिनिधियों के बीच कई बार नोक-झोंक हो चुकी है। बृहस्पतिवार को दोपहर को कुछ किसानों ने खेत में ट्रैक्टर से बुवाई शुरू कर दी थी। जिसकी सूचना मिलते ही छह-सात गाड़ियों में सवार होकर बिल्डर के 40 से अधिक बाउंसर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि बाउंसरों ने बुआई के लिए जुताई कर रहे किसानों पर गाली गलौज कर हमला बोल दिया। जुताई कर रहे किसान लाला और संजय समेत अन्य किसानों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी गई। आरोप है कि मौके पर बाउंसरों ने हवाई फायरिंग भी की।
घटना की सूचना पर धरनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। घटनास्थल से पुलिस को फायरिंग के बाद कारतूस के खाली खोखे मिले हैं। किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि बाउंसर के पास लाठी, डंडे और लोहे की राॅड थी। जिनसे उन्होंने किसानों पर हमला किया । हमले में किसान संजय भाटी, लाला, बलराज सिंह समेत कई किसान घायल हो गए। उन्होंने कहा कि मौके पर तनावपूर्ण की स्थिति बनी हुई है।
बुवाई करने के बाद बढ़ा विवाद
ग्रेनो जोन के एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि किसानों की जमीन सर्वोत्तम बिल्डर ने खरीदी है। उस पर कुछ किसान बुवाई कर रहे थे। इसे रोकने पहुंचे बिल्डर के लोगों ने विरोध किया। मौके पर संजय और वीर सिंह से उनका विवाद हुआ। जिसके बाद मारपीट हो गई। किसानों ने फायरिंग का भी आरोप लगाया है। मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
महापंचायत में होगा बाउंसरों से कराए गए हमले का निर्णय
अंसल बिल्डर के खिलाफ 10 साल से चल रहे आंदोलन को लेकर किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वह आंदोलन जारी रखेंगे। बिल्डर की ओर से बाउंसरों को भेजकर किसानों पर जो हमला किया गया है उसके खिलाफ एक दिसंबर को होने वाली महापंचायत में निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, अंसल बिल्डर की ओर से साल-2007 से जमीन खरीदना शुरू किया था और बाद में किसानों ने मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। इस वजह से बिल्डर का काम अधर में लटक गया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब कुछ दिन पहले ही अंसल से कुछ हिस्सा सर्वोत्तम बिल्डर ने लेकर विकसित करना शुरू किया था। मगर किसानों ने बिल्डर का काम रुकवाकर फिर से धरना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होंगी काम नहीं चलने दिया जाएगा।
बिल्डर के प्रतिनिधियों-बाउंसरों के खिलाफ दी तहरीर: बोड़ाकी के किसान संजय भाटी और रामगढ़ के किसान वीरसिंह की ओर से दादरी कोतवाली में तहरीर देकर सर्वोत्तम बिल्डर के कुछ प्रतिनिधियों और बाउंसरों के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें फायरिंग करते हुए जानलेवा हमले और मारपीट समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की पुलिस से गुहार लगाई है।
साल-2013 के समझौते को लेकर अड़े किसान
10 साल पहले किसानों का जब आंदोलन उग्र था और लंब समय से धरना-प्रदर्शन करते चले आ रहे थे तो तत्कालीन जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं बिल्डर प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई थी। उसमें किसानों को 10 फीसदी भूखंड, 64 फीसदी मुआजवा, युवाओं को रोजगार, भूमिहीनों को भूखंड आदि मांग रखी गई थी। उस समय यह समझौता हुआ था और उसके बाद ही धरना हटाया गया था।