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Ghaziabad : कॉल सेंटर खोलकर दो साल में 100 लोगों से 50 करोड़ की ठगी, थाना पुलिस और साइबर सेल ने किया भंडाफोड़

Fri, 24 Nov 2023 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नौ की तलाश की जा रही है। 
 
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गिरफ्तार आरोपी पुलिस मुख्यालय में... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा के सेक्टर-132 में एक इमारत में कॉल सेंटर खोलकर दो साल में 100 लोगों से 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का इंदिरापुरम थाना पुलिस और साइबर सेल ने बृहस्पतिवार को खुलासा किया। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नौ की तलाश की जा रही है। 

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पुलिस का कहना है कि ये शातिर लोगों को काॅल करके लालच के जाल में फंसाते थे और फिर खुद को बीमा लोकपाल बताकर डराते थे। इसके बाद अपने खाते में रकम जमा करा लेते थे। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए ठग बिजनौर के धामपुर निवासी गौरव दुआ, एटा के पटियाली का विजय कश्यप और बुलंदशहर के चोला के गांव कैथरा का दिनेश कुमार है। 

गौरव हाल में गौतमबुद्धनगर के बिसरख में, विजय नोएडा के सेक्टर-44 और दिनेश बुलंदशहर के चांदपुर में रह रहा था। गौरव बीएससी, विजय 12वीं और दिनेश बीए-एलएलबी पास है। उनके पास से 27 डेबिट कार्ड, एक लैपटॉप, छह मोबाइल, तीन कार, दो चेक बुक और दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में उनके 12 बैंक खातों में करीब 10 करोड़ रुपये का लेन-देन मिला है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि वे 100 लोगों से करीब 50 करोड़ की ठगी कर चुके हैं।
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वसुंधरा के डाॅक्टर से ठगे 1.65 करोड़ रुपये
गिरोह ने  वसुंधरा के रहने वाले चिकित्सक प्रभाष कुमार चौधरी से एक साल में 1.65 करोड़ की ठगी की। डॉ. प्रभाष ने 29 जुलाई को इंदिरापुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। शातिर ने डाॅक्टर को कॉल करके बताया था कि वह बीमा लोकपाल के दफ्तर से बोल रहे हैं।

उनके नाम का एक कुरियर आया है, जिस पर स्टांप शुल्क नहीं है। स्टांप शुल्क के 80 हजार रुपये देने के बाद कुरियर ले सकते हैं। उन्होंने दो बार में प्रभाष से 80-80 हजार रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद फिर से कॉल करके सरकारी योजना में निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर पांच लाख रुपये निवेश करा लिए। 

दो साल से चल रहा था कॉल सेंटर, पुलिस बेखबर
नोएडा। नोएडा के सेक्टर-132 में दो साल से फर्जी कॉल सेंटर का संचालन हो रहा था लेकिन नोएडा पुलिस को इसकी खबर नहीं लगी। गाजियाबाद पुलिस की टीम ने छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गाजियाबाद पुलिस ने इसकी सूचना नोएडा पुलिस को आधिकारिक तौर पर नहीं दी थी। नोएडा-ग्रेनो में फर्जी कॉल सेंटर का महाजाल इस कदर फैला है कि स्थानीय पुलिस को इसकी खबर भी नहीं होती है। इसका ताजा उदाहरण सेक्टर-132 स्थित फर्जी कॉल सेंटर है। यहां दो साल से लोगों से बीमा के नाम पर ठगी हो रही थी। आशंका जताई जा रही है कि दो साल में पचास करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई है। गाजियाबाद पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और नौ फरार हैं। 

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