दिल्ली के तीनों नगर निगमों का विलय करने के लिए लाए गए विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगमों का विलय करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट में विलय करने के प्रस्ताव को मंगलवार को स्वीकृति मिल गई है।
अब यह बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही 10 साल बाद फिर दिल्ली में एक नगर निगम अस्तित्व में आ जाएगा। दस साल पहले दिल्ली नगर निगम एक ही था जिसे दिल्ली नगर निगम संशोधन एक्ट 1911(दिल्ली एक्ट, 2011) में बदलाव करके पूर्वी दिल्ली नगर निगम, उत्तर दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में बदला गया था।
केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के बाद आप ने कई ट्वीट कर दी प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी दिल्ली ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के बाद कई प्रतिक्रिया दी है। एक ट्वीट में पार्टी ने लिखा है, '3 एमसीडी थी तब भी हारती भाजपा और एक हो गई अब भी हारोगे।'
एक अन्य ट्वीट में पार्टी ने लिखा, 'भ्रष्टाचारी भाजपा अगर सोच रही है कि तीनों एमसीडी को एक करके हार से बच जाएगी। लेकिन दिल्ली की जनता आप के साथ मिलकर एमसीडी चुनाव में भाजपा की गलतफहमी जल्द दूर कर देगी। भाजपा के लिए एमसीडी में हार से बचना मुमकिन ही नहीं, नामुमकिन है।'
आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट किया, भाजपा ने दिल्ली में हार के डर से 2014 में भी विधानसभा चुनाव एक साल तक टाले, अंत में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में चुनाव करवाए। नतीजा- दिल्लीवालों ने आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें दी अब भी कितना भी देरी कर लें, बहाने बना लें, दिल्ली नगर निगम में भाजपा की हार निश्चित है।