दिल्ली के बाहर बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो ट्रेन का पहला इंटरचेंज होगा। कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो कॉरिडोर के निर्माणकार्य से लेकर मेट्रो चलाने व रख-रखाव के लिए डीएमआरसी और नोएडा प्राधिकरण के बीच बुधवार को एमओयू साइन हो गया।
मेट्रो भवन में मैनेजिंग डायरेक्टर मंगू सिंह की अध्यक्षता में डीएमआरसी के डायरेक्टर बिजनेस डेवलपमेंट एसडी शर्मा व नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण ने हस्ताक्षर किए।
जनकपुरी वेस्ट से बॉटेनिकल गार्डन निर्माणाधीन कॉरिडोर पर लगभग चार किलोमीटर लंबे इस ट्रैक में बॉटेनिकल गार्डन इंटरचेंज के बाद ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन उत्तर प्रदेश में आएंगे। जबकि कालिंदी कुंज दिल्ली सीमा में होगा।
दिखेंगे बर्ड सेंचुरी के नजारे
इस पहले इंटरचेंज में लगभग डेढ़ लाख से अधिक यात्री जुड़ेंगे। नए डीआरपी (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के मुताबिक, अब इस ट्रैक की लंबाई 3.5 किलोमीटर नहीं, बल्कि 3.962 किलोमीटर होगी।
इसपर लगभग पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माणकार्य के लिए एक महीने के अंदर-अंदर डीएमआरसी ट्रेंड इनवाइट करने जा रही है। जनकपुरी वेस्ट से बॉटेनिकल गार्डन का यह 36.28 किलोमीटर का यह सेक्शन मार्च 2016 में खोला जाना संभावित है।
दिल्ली मेट्रो यात्रियों को ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन में ओखला बर्ड सेंचुरी के नजारे भी दिखाएगी। मेट्रो स्टेशन की दीवारों से लेकर बाहर पिलर में भी दुर्लभ व स्थानीय पक्षी चित्रों के माध्यम से दर्शाए जाएंगे।
नए सिरे से बनेगा ये मेट्रो स्टेशन
बॉटेनिकिल गार्डन में नया मेट्रो स्टेशन अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत बनने वाला इंटरचेंज नया ट्रैक स्टैंडर्ड गेज का होगा। जबकि पुराना बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन इंडियन लेवल के ब्रॉड गेज के तहत बना है। दोनों स्टेशनों की बिल्डिंग अलग होगी या यूं कहें कि समानांतर बिल्डिंग को एक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।
डीएमआरसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कम्युनिकेशन) अनुज दयाल ने बताया कि पिंक लाइन पर बॉटेनिकल गार्डन से कालिंदी कुंज के लगभग चार किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए नोएडा प्राधिकरण के साथ एमओयू साइन हुआ है।
डीएमआरसी इस ट्रैक पर निर्माणकार्य, ट्रेन चलाने से लेकर रख-रखाव भी करेगी। लगभग डेढ़ लाख यात्रियों को मार्च 2016 से इंटरचेंज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।