एमसीडी के वार्डों की संख्या 272 से 250 कर दी गई है और विधानसभा क्षेत्रों में तीन से लेकर छह वार्ड होंगे। आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार वार्ड में आबादी और उनका इलाका तय किया है। इस तरह कम आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या है और अधिक आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या ज्यादा की गई है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के इस बार के चुनाव में नया परिसीमन लागू हो चुका है। इस बार परिसीमन में 250 वार्ड हैं। हालांकि पिछले चुनाव के समय एमसीडी के वार्डों में 272 वार्ड थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस परिसीमन को मंजूरी प्रदान की है।
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आयोग के अनुसार एमसीडी के वार्डों की संख्या 272 से 250 कर दी गई है और विधानसभा क्षेत्रों में तीन से लेकर छह वार्ड होंगे। आयोग ने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार वार्ड में आबादी और उनका इलाका तय किया है। इस तरह कम आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या है और अधिक आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या ज्यादा की गई है।
वर्ष 2007 में एमसीडी के वार्डों की संख्या 134 से बढ़ाकर 272 कर दी गई थी और वर्ष 2012 में एमसीडी का तीन हिस्सों में विभाजन होने के बाद भी उनमें वार्डों की संख्या 272 ही थी, लेकिन इस साल तीनों नगर निगम का विलय करके एमसीडी बनाने के दौरान वार्डों की संख्या 272 से कम करके 250 करने का निर्णय लिया गया। इस कारण वार्डों का नए सिरे से गठन किया गया है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी के वार्डों का गठन करने के लिए आठ जुलाई को परिसीमन आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने गत 12 सितंबर को वार्डों के परिसीमन का ड्राफ्ट जारी किया था और गत तीन अक्तूबर तक ड्राफ्ट पर आपत्ति मांगी थी। इस दौरान आयोग के समक्ष लोगों ने 1720 आपत्ति दर्ज की गई थी। इन आपत्तियों को दूर करके आयोग ने परिसीमन की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजी थी।