इस मामले में मीणा के खिलाफ निंदा की सजा के मामले को संबंधित अधिकारियों को भी नहीं भेजा गया। इससे सर्विस बुक में भी पीएस मीणा पर लगे आरोप या सजा का जिक्र भी नहीं किया गया।
बोर्ड के वाइस चेयरमैन उदित प्रकाश का 24 फरवरी, 2021 को डीएसएफएमसी में स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया था। मीणा की पत्नी से संबंधित आय से अधिक संपत्ति के दूसरे मामले में एग्रीकल्चर बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ने जांच के आदेश दे दिए थे। लेकिन उदित प्रकाश ने इस मामले की जांच किए बगैर दोनों मामलों को एक जैसा बताते हुए निंदा की सजा का आदेश दे दिया।
इस मामले में औपचारिक आदेश भी जारी नहीं किए गए। सीबीआई ने 15 सितंबर, 2021 को तत्कालीन मुख्य सचिव विजय देव को इस मामले में पत्र लिखकर इसे जानबूझकर की गई चूक बताया था।
आम आदमी पार्टी के चहेते माने जाते हैं उदित प्रकाश
सूत्रों का कहना है कि उदित प्रकाश आम आदमी पार्टी सरकार के चहेते होने की वजह से डीएएमबी के वीसी, डीएसएफएमसी के प्रबंध निदेशक और बाद में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीईओ के तौर पर राघव चड्ढा के साथ काम किया। इसे जानबूझकर की गई चूक और अनुचित लाभ देने को भ्रष्टाचार के मामले के तौर पर इस मामले में गृह मंत्रालय से आवश्यक कार्रवाई करने की सिफारिश की है। उपराज्यपाल ने मीणा के खिलाफ निंदा की सजा को अलग करने सहित इस मामले में उचित सजा तय करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव को भी अधिकृत किया है।