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दिल्ली उपराज्यपाल ने दी मंजरी: अरुंधति रॉय और शेख शौकत हुसैन पर चलेगा मुकदमा, 2010 में दिया था भड़काऊ भाषण

Tue, 10 Oct 2023 11:09 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कश्मीर के एक सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पंडित ने 28 अक्तूबर 2010 को ''कमेटी फॉर रिलीज ऑफ पॉलिटिकल'' द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में सार्वजनिक रूप से भड़काऊ भाषण देने में शामिल विभिन्न लोगों और वक्ताओं के खिलाफ तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। 
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एलजी वीके सक्सेना - फोटो : ANI
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विस्तार
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वर्ष 2010 में भड़काऊ भाषण देने के मामले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लेखिका अरुंधति रॉय और एक पूर्व कश्मीरी प्रोफेसर शेख शौकत हुसैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। रॉय और शेख शौकत हुसैन के खिलाफ एफआईआर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, नई दिल्ली की अदालत के आदेश के बाद दर्ज की गई थी।

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इस मामले में उपराज्यपाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया रॉय और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर इंटरनेशनल लॉ के पूर्व प्रोफेसर डॉ. हुसैन के खिलाफ धारा 153ए (धर्म, नस्ल, जन्म, निवास, भाषा, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत अपराध करने का मामला बनता है। सार्वजनिक समारोह में उनके भाषणों के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 153 बी (आरोप, राष्ट्रीय-एकीकरण के लिए हानिकारक दावे) और 505 (सार्वजनिक उत्पात के लिए प्रेरित करने वाले बयान) का मामला बनता है।

अधिकारियों ने बताया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 196 (1) के तहत, कुछ अपराधों जैसे नफरत फैलाने वाले भाषण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, घृणा अपराध, राजद्रोह, राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने सहित अन्य के लिए राज्य सरकार से अभियोजन के लिए वैध मंजूरी एक शर्त है।

इस मामले में दो अन्य आरोपियों कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और दिल्ली विश्वविद्यालय के व्याख्याता सैयद अब्दुल रहमान गिलानी (जिन्हें तकनीकी आधार पर संसद हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बरी कर दिया था) की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। 

बता दें कि कश्मीर के एक सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पंडित ने 28 अक्तूबर 2010 को ''कमेटी फॉर रिलीज ऑफ पॉलिटिकल'' द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में सार्वजनिक रूप से भड़काऊ भाषण देने में शामिल विभिन्न लोगों और वक्ताओं के खिलाफ तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। यह कार्यक्रम 21 अक्टूबर को हुआ था।
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चिदंबरम ने साधा एलजी पर निशाना
मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि  एलजी और उनके आकाओं के शासन में सहिष्णुता या सहनशीलता के लिए कोई जगह नहीं है। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2010 में रॉय के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं था और अब उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने का भी कोई औचित्य नहीं है।
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