हाईकोर्ट ने जिला मंचों के साथ-साथ राज्य उपभोक्ता फोरम में बड़ी संख्या में लंबित मामलों पर चिंता जताई है। अदालत ने फोरम के काम के घंटों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने रजिस्ट्रार, दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से विशेष रूप से जिले में फोरमों के काम के घंटों की स्थिति के बारे में चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्देश इस तथ्य के ध्यानार्थ दिया कि फोरम में काफी मामले लंबित है और वहां तय समय पर काम नहीं होता है। इस मामले की सुनवाई अब छह सितंबर को होगी।
अदालत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम (पश्चिम) जनकपुरी द्वारा वर्ष 2007 से दायर शिकायत का निपटारा न करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। याची ने कहा उसने अपने 13 साल की उम्र के बेटे को खो दिया था और कर्मचारी राज्य बीमा निगम और कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत दर्ज की थी। याचिकाकर्ता ने कहा मेडिकल लापरवाही से बेटे की मौत हुई थी। ऐसे में फोरम को मामले का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया जाए।
अदालत ने कहा कि जिला मंचों और राज्य फोरम में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को देखते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम अध्यक्ष को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। उपभोक्ता फोरम को इन मामलों की सुनवाई व दैनिक आधार पर निपटारे के लिए सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक कार्य करना चाहिए। दिल्ली सरकार ने जानकारी दी कि जिला और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में रिक्त पदों के संबंध में सदस्यों की नियुक्ति के उद्देश्य से चयन समिति का गठन किया गया है। बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अदालत ने उपभोक्ता मामलों के विभाग, जीएनसीटीडी के संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रपति, राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम, दिल्ली सरकार के साथ बातचीत जारी रखने का निर्देश दिया, ताकि अगली तारीख से पहले बुनियादी ढांचा तैयार हो जाए।