उच्च न्यायालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (आईटी नियम, 2021) के तहत अधिकारियों की नियुक्ति पर अधूरे जवाब पर ट्विटर इंक को कड़ी फटकार लगाई है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने ट्विटर की ओर से पेश अधिवक्ता से कहा कि वे नहीं जानती कि आखिर आपकी कंपनी क्या करना चाहती है। यदि आप नियमों का पालन करना चाहते हैं तो इसे दिल से करें।
ट्विटर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने अदालत को बताया कि पिछले आदेश के अनुसार कंपनी ने एक मुख्य अनुपालन अधिकारी और एक रेजीडेंट शिकायत अधिकारी को नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी कॉन्ट्रैक्टर के जरिए नोडल संपर्क व्यक्ति की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
अदालत ने जवाब में इन पदों के लिए उपयोग किए जाने वाले 'आकस्मिक अधिकारी' शब्द पर आपत्ति जताई। अदालत ने कहा आकस्मिक कार्यकर्ता क्या है? ट्विटर के अधिवक्ता ने कहा यह मुख्य अनुपालन अधिकारी और रेजीडेंट शिकायत अधिकारी के कार्यों को देखने के लिए है।
यह एक भारतीय है जो किसी भी शिकायत के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने अदालत से उचित जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह करते हुए बताया कि ट्विटर इंक के पास भारत में फिजिकल कार्यालय नहीं है। अदालत ने उनके तर्क पर असहमति जताते हुए कहा कि लेकिन आप अभी भी भारत में कारोबार कर रहे हैं।
वहीं केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि ट्विटर इंक द्वारा नियुक्त मुख्य अनुपालन अधिकारी कंपनी का कर्मचारी नहीं है और आईटी नियमों के अनुसार यह कंपनी का एक वरिष्ठ अधिकारी होना चाहिए। उन्होंने कहा ट्विटर ने भारत में 7 मिलियन डॉलर का कारोबार किया है। इसके बावजूद वे अधिकारियों की नियुक्ति में पीछे हट रहे हैं।
अदालत ने ट्विटर को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में विस्तृत जवाब दाखिल करने का समय प्रदान करते हुए कहा कि आपको काफी समय प्रदान किया जा चुका है अब ऐसा हमेशा नहीं होगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 6 अगस्त तय की है।
अदालत अमित आचार्य की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में ट्विटर को आईटी नियम, 2021 के तहत आवश्यकतानुसार रेजिडेंट शिकायत अधिकारी और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति करने का निर्देश देने की मांग की गई है।