जस्टिस सुरेश कुमार कैत की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पत्नी द्वारा धोखाधड़ी के आधार पर विवाह को रद्द करने की याचिका खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक पति की अपील को खारिज करते हुए खंड पीठ ने ये टिप्पणियां की।
अदालत में एक शख्स ने अपनी पत्नी द्वारा सौंदर्य उद्योग में होने के बारे में उसे गुमराह करने और झूठा वादा करने का आरोप लगाते हुए कि उसने वादा किया था कि दोनों उसकी संपत्ति पर एक साथ व्यवसाय स्थापित करेंगे। पति ने अमान्यता की डिक्री के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।