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दिल्ली: जीवनसाथी द्वारा कपटपूर्ण बयान दिए जाने के आधार पर विवाह रद्द नहीं किया जा सकता, हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

Thu, 21 Sep 2023 09:23 PM IST
आकाश दुबे पीटीआई, दिल्ली

सार

जस्टिस सुरेश कुमार कैत की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पत्नी द्वारा धोखाधड़ी के आधार पर विवाह को रद्द करने की याचिका खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक पति की अपील को खारिज करते हुए खंड पीठ ने ये टिप्पणियां की।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक प्रेम विवाह को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा है कि यह दावा करके विवाह से छुटकारा नहीं पाया जा सकता कि एक पति या पत्नी ने कपटपूर्ण बयान देकर एक दूसरे को विवाह के लिए प्रेरित किया था। पत्नी द्वारा धोखाधड़ी के आधार पर विवाह को रद्द करने की याचिका खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक पति की अपील को खारिज करते हुए ये टिप्पणी की।

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जस्टिस सुरेश कुमार कैत की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पत्नी द्वारा धोखाधड़ी के आधार पर विवाह को रद्द करने की याचिका खारिज करने के फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक पति की अपील को खारिज करते हुए खंड पीठ ने ये टिप्पणियां की।
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अदालत में एक शख्स ने अपनी पत्नी द्वारा सौंदर्य उद्योग में होने के बारे में उसे गुमराह करने और झूठा वादा करने का आरोप लगाते हुए कि उसने वादा किया था कि दोनों उसकी संपत्ति पर एक साथ व्यवसाय स्थापित करेंगे। पति ने अमान्यता की डिक्री के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। 
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