दिल्ली हाईकोर्ट ने शालीमार बाग स्थित रिहायशी इलाके में शराब की दुकान खोलने पर दिल्ली सरकार आबकारी विभाग व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची ने कहा कि उक्त दुकान के चलते महिलाएं, बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ममुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने आबकारी विभाग आयुक्त व अन्य को याचिका पर अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 28 जनवरी तय की है। पीठ ने यह निर्देश याची कविता बुद्धिराजा व उनके पति अनिल कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है।
याची ने कहा कि वे शालीमार बाग स्थित यू-वी ब्लाक में आटे की चक्की चलाते हैं और उन्होंने दुकान पर अन्य घरेलू सामान भी रखा हुआ है। याची ने कहा कि उनकी दुकान के साथ ही रिहायशी इलाके में सरकार ने शराब की दुकान खोलने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
आपत्ति के बावजूद सरकार ने नहीं उठाया ठोस कदम
याची ने कहा इस दुकान को लेकर आरडब्ल्यूए व अन्य लोगों ने भी आपत्ति जताई है और वे लगातार इसका विरोध भी कर रहे हैं इसके बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। याची ने कहा शराब की दुकान के चलते महिलाएं, बच्चे व बुर्जुग उनकी दुकान पर आने में परेशानी महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा दुकान के कारण इलाके में काफी नाराजगी है और आम लोगों की सुविधा को देखते हुए सरकार को शराब की दुकान का लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया जाए।