दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बिभव कुमार को आप की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाश पीठ ने दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 1 जुलाई को तय की है। बिभव कुमार ने 12 जून को मामले में नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
बिभव कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, उसे 7 जून को ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं और ऐसी आशंका है कि वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। बिभव कुमार ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट यह विचार करने में विफल रहा कि उनकी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जांच अधिकारी ने सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए थे और गवाहों के बयान दर्ज कर लिए थे। जमानत अस्वीकृति आदेश पारित करते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश इस तथ्य पर विचार करने में विफल रहे कि उपरोक्त एफआईआर से संबंधित सभी साक्ष्य आईओ द्वारा एकत्र किए जा चुके हैं और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं, इसलिए याचिकाकर्ता की हिरासत की आवश्यकता नहीं है और याचिकाकर्ता को न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
मालीवाल ने 13 मई को सीएम आवास पर उन पर शारीरिक हमला करने का आरोप लगाया था और कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया था। एफआईआर के अनुसार कुमार ने उन्हें बार-बार थप्पड़ मारे और पेट में लात मारी। शिकायत के बाद पुलिस ने कुमार के खिलाफ धारा 354, 506, 509 और 323 के तहत एफआईआर दर्ज की, जो किसी महिला पर हमला करने या उसके शील को भंग करने के इरादे से उस पर आपराधिक बल का प्रयोग करने और आपराधिक धमकी जैसे अपराधों से संबंधित है।