दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनिटेक हाउसिंग प्रोजेक्ट के प्रमोटर संजय चंद्रा की अंतरिम जमानत को 21 जनवरी तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया है। घर खरीदारों से धोखाधड़ी के मामले में पिछले कई सालों से जेल में बंद हैं।
वहीं इससे पहले पटियाला हाउस अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार की अदालत ने संजय चंद्रा को जमानत देते हुए कहा था कि आरोपी पहले ही करीब साढ़े तीन साल का समय न्यायिक हिरासत में काट चुके हैं। कोरोना काल के चलते अतिरिक्त कैदियों को जेल में रखना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि आरोपी भी कोविड-19 के खतरे में हैं। लिहाजा, मामले के तथ्यों को देखते हुए आरोपियों को सशर्त जमानत दी जा रही है। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत मिलने की तिथि को बढ़ा दी है. अब 21 जनवरी के बाद ही जमानत मिल पाएगी।
वहीं यूनिटेक लिमिटेड के प्रोजेक्टों में फंसे 12000 फ्लैट खरीदारों के लिए खुशखबरी का पल आने वाला है। केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने वर्ष 2017 के प्रस्ताव पर अमल करने की हामी भरी थी, जिसके तहत वह कंपनी का अधिग्रहण करते हुए सभी प्रोजेक्ट पूरे कराएगी। इसके लिए सरकार ने मैनेजमेंट बोर्ड के चेयरमैन समेत छह निदेशकों के प्रस्तावित नाम भी सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिए थे।
पिछले साल 18 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से अपने 2017 के प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था। इसके तहत ही केंद्र सरकार की तरफ से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने छह पेज का एक प्रस्ताव दाखिल किया गया था। इसमें कहा गया है कि वह अपने दिसंबर, 2017 के प्रस्ताव के तहत यूनिटेक लिमिटेड के वर्तमान बोर्ड को भंग कर अपने 10 नामित निदेशक नियुक्त करने को तैयार है।