हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीएम पद से हटाने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में कहा गया था कि केजरीवाल पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में चल रही है। इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने कहा कि अभी तो केजरीवाल पर केवल आरोप हैं। जब तक यह आरोप साबित नहीं होते, उन्हें पद से नहीं हटाया जा सकता।
तब तक इस प्रकार की याचिका का कोई भी औचित्य नहीं है। पेश जनहित याचिका हरिनाथ राम की ओर से वकील शशांक देव सुधी ने दायर की थी।
याचिका में कहा गया था कि केजरीवाल दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री हैं और इस पद पर रहते हुए वह अपने ऊपर लगे आरोपों की सुनवाई को प्रभावित कर सकते हैं।
वह ज्यादातर मामलों में जमानत पर हैं और इसके बाद भी सीएम पद पर बने हुए हैं। हाईकोर्ट ने याची के वकील की दलीलें सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि याची से कहा कि वह केजरीवाल पर आरोप सिद्घ होने पर दोबारा कोर्ट आ सकते हैं।