दिल्ली में कोरोना के संक्रमण दर में गिरावट आई है। चार दिन पहले तक दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 36 फीसदी थी जो अब गिरकर 31.76 फीसदी पर आ गई है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा है कि दिल्ली के लिहाज से यह एक अच्छा संकेत है। अगर यही ट्रेंड एक हफ्ते बना रहता है तो इससे स्थिति में सुधार के संकेत माने जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस दौरान ऑक्सीजन और कोरोना बेड्स की उपलब्धता बढ़ाने का काम करती रहेगी।
सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में वैक्सीनेशन को लेकर कहा कि अभी हमारे पास वैक्सीन नहीं है। इसके लिए हमने कंपनी से अनुरोध किया है। कंपनी जैसे ही वैक्सीन दे देती है, हम सभी को वैक्सीन लगाएंगे। वैक्सीनेशन को लेकर सभी तैयारियां की जा चुकी हैं, लेकिन उसके लिए वैक्सीन का उपलब्ध होना जरूरी है। अभी हमारे पास वैक्सीन नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस बार कोरोना की लहर पहले की तीन लहर से बिल्कुल अलग है। इस बार की लहर में जो भी मरीज आ रहे हैं, उन्हें ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत पड़ रही है, इसलिए कोविड केयर सेंटर में बहुत कम लोग जा रहे हैं। सरकार का सबसे अधिक ध्यान ऑक्सीजन बेड बढ़ाने पर है। दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में करीब 19 हजार मरीज भर्ती हैं और उन सभी लोगों को ऑक्सीजन चाहिए।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि संक्रमण दर में गिरावट की यह बात केवल आंकड़ों की बाजीगरी है। पहले दिल्ली में एक लाख से ज्यादा कोरोना टेस्ट किये जा रहे थे, जिसके कारण ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना संक्रमित लोग सामने आ रहे थे। लेकिन अपनी इस असफलता को छिपाने के लिए सरकार ने कोरोना टेस्ट की संख्या ही घटा दी और अब राजधानी में 75-80 हजार ही टेस्ट किये जा रहे हैं। यही कारण है कि अब संक्रमितों की संख्या कुछ कम दिखाई दे रही है।
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि दिल्ली की असलियत यहां के अस्पतालों में दिख रही है जहां लोगों को भर्ती तक नहीं किया जा रहा है, जो भर्ती हो गये हैं उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़ों का खेल करने की बजाय जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए और दिल्ली के लोगों को कोरोना से राहत दिलानी चाहिए।