राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने सोमवार को अधिसूचना जारी की। केजरीवाल सरकार ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकार के साथ ने हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जिसके तहत राज्य निगमों के परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की व्यवस्था होगी।
इस समझौते से बसों और शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वाहनों को सड़क कर समेत अन्य करों में राहत दी गई है। अनुमान है कि इससे करीब 100 करोड़ रुपये के राजस्व का सालाना नुकसान होगा, इसलिए चार राज्यों ने अनुबंध वाहन (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज) और छह से अधिक यात्रियों को ले जाने वाले वाहन (स्टेज कैरिज) को शामिल करते हुए एक संयुक्त पारस्परिक साझा परिवहन समझौते (सीआरसीटीए) पर हस्ताक्षर किए गए थे, क्योंकि पूर्व में हुए समझौते की समय सीमा समाप्त हो रही थी।
अधिसूचना जारी होने के बाद से सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से अमल में आ गया है और सभी शैक्षणिक संस्थानों के वाहन और एनसीआर राज्यों के राज्य परिवहन की सभी स्टेज कैरिज बसें इसके तहत आएंगी।
सीआरसीटीए की खासियत
यह करार भारी ट्रैफिक को कम करने और वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए अंतर शहरी बसों के उपक्रम वाले राज्य परिवहन के व्यापक सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए एकल बिंदु कराधान की सुविधा भी प्रदान करता है। समझौते के अनुसार, अस्थायी परमिट/लाइसेंस (अनुबंध कैरिज और स्टेज कैरिज, जैसा लागू हो) सहित सभी परमिट/लाइसेंस केवल वाहन सॉफ्टवेयर पर जारी किए जाएंगे।
स्टेज कैरिज वाहनों के साथ-साथ अनुबंध कैरिज वाहनों की उम्र डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल/सीएनजी वाहनों के लिए 15 साल तक सीमित होगी जब तक कि इस संबंध में कोई और निर्देश जारी नहीं किया जाता है।
सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों (एमओआरटीएच द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त को छोड़कर) में अनिवार्य रूप से वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और एक या अधिक आपातकालीन बटनों को एमओआरटीएच अधिसूचनाओं का पालन करने के लिए लगाया जाएगा।
सीआरसीटीए तत्काल प्रभाव से लागू होगा और यात्री वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए 10 वर्षों वैध होगा। पूर्व के अलग-अलग आरसीटीए पर आधारित एनसीआर में यात्री वाहनों के लिए स्टेज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज संयुक्त आरसीटीए इन दो श्रेणियों के लिए है और एनसीआर में निर्बाध यात्री परिवहन की सुविधा के लिए इसे और आगे ले जाता है।