उपमुख्यमंत्री ने परिषद में प्रदूषण के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली द्वारा जो कदम उठाये जा रहे हैं, वही कदम पूरे एनसीआर में भी उठाए जाने की जरुरत है। खासकर उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, लोनी आदि शहरों तथा हरियाणा के गुडगांव, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ व सोनीपत आदि शहरों में इसी तरह के कदम उठाने की जरुरत है। क्योंकि, दिल्ली में धूल से होने वाला प्रदूषण कम हो गया, लेकिन इन शहरों में डीजल वाहन ऐसे ही चलते रहे तो दिल्ली को प्रदूषण मुक्त नहीं हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली अन्तर्राजीय बसें, जो अभी डीजल पर चलती हैं उन्हें भी ई-वाहन या सीएनजी में बदला जाए या कम से कम वो बसें बीएस-6 मानक की हो।
सिसोदिया ने रेणुका डैम के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई और अनुरोध किया कि रेणुका डैम में इकठ्ठा होने वाले पानी में से दिल्ली को मिलने वाले पानी की मात्रा अभी से तय कर कर ली जाए, ताकि दिल्ली की आगे की पानी से संबंधित योजनाओं में इसे शामिल किया जा सके। दिल्ली सरकार ने रेणुका डैम बनाने में साझेदारी के तहत 214 करोड़ रूपये दिए हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड में बन रहे लखावर बांध और किसाऊ बांध को बनाने में दिल्ली सरकार सहयोग दे रही है। इसमें भी इकठ्ठा होने वाले पानी में दिल्ली को हिस्सा मिलेगा। आने वाले समय में दिल्ली की पानी की मांग को पूरा किया जा सके, इस दिशा में दिल्ली सरकार अन्य राज्यों के साथ सहयोग व समझौते कर रही है।