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ग्रीन बजट से बेहतर होगी दिल्ली की आबोहवा, आप सरकार ने पेश किया अब तक का मेगा बजट

Fri, 23 Mar 2018 11:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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delhi budget - फोटो : G. pal
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राष्ट्रीय राजधानी की खराब होती आबोहवा को ध्यान में रखते हुए पहली बार दिल्ली सरकार ने ग्रीन बजट पेश किया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने बृहस्पतिवार बजट पेश करते हुए कहा कि संभवत: यह देश के किसी भी सदन में पेश किया जाने वाला पहला ग्रीन बजट है। 
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इसके तहत पर्यावरण, ऊर्जा, परिवहन और लोक निर्माण विभाग के 26 कार्यक्रमों और योजनाओं को एक धागे में पिरोकर एकीकृत अभियान शुरू करने की योजना है। जिससे दिल्ली को प्रदूषण रहित बनाया जा सके। पिछले तीन बार की तरह इस साल भी सरकार शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करेगी। 

इसमें सरकार का जोर बच्चों की सुरक्षा पर होगा। सिसोदिया ने दावा किया कि केंद्र समेत दूसरे राज्यों की ट्रिक डाउन इकोनॉमिक्स के उलट उनकी सरकार ट्रिकल अप थ्योरी पर काम कर रही है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिसका सीधा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग को मिल सके। 
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दिल्ली सरकार का उद्देश्य बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों व विदेशी निवेशकों को कर छूट और सब्सिडी देने व इनवेस्टर समिट बुलाने की जगह आम लोगों का सीधे तौर पर फायदा पहुंचाने का है। इसी वजह से सरकार पिछले तीन सालों से पूरे बजट का एक चौथाई शिक्षा पर खर्च कर रही है। बजट का 11.3 फीसदी का सालाना खर्च स्वास्थ्य पर होगा। 

लगातार लोगों को सस्ती बिजली व मुफ्त में पानी मुहैया कराया जा रहा है। इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी में 37 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर्स, अतिथि शिक्षकों को वेतन भी बढ़ाया गया। मनीष सिसोदिया ने कहा कि तीन साल पहले दिल्ली सरकार का बजट 309000 करोड़ रुपये था। जबकि आगामी वित्त वर्ष के लिये इसे 53,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

delhi budget
ग्रीन बजट के मायने
-रेस्तरां को भी कोयला तंदूर की जगह इलेक्ट्रिक या गैस तंदूर के इस्तेमाल करने के लिए पांच हजार रुपये प्रति तंदूर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
-औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ ईंधन (पाइपलाइन नेचुरल गैस) इस्तेमाल करने के लिए सरकार एक लाख रुपये की सहायता राशि देगी
-10 केवीए क्षमता या उससे अधिक क्षमता वाले डीजल जनरेटर की जगह इलेक्ट्रिक जनरेटर इस्तेमाल करने के लिए व्यवसायियों को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
-आरडब्ल्यूए व एनजीओ के साथ मिलकर व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा। प्रदूषण की जानकारी के लिए 1000 डिस्पले बोर्ड लगेेंगे
-2018-19 में जोनापुर, आया नगर, डेरा मांडी, बेला फार्म, गढ़ी, मांडू पाकेट ए और अलीपुर में शहरी वन बनाए जाएंगे।
-सेंट्रल रिज एरिया में लोगों को घने वृक्षों के बीच रुकने और घूमने के लिए वॉकिंग-ट्रेल विकसित किया जाएगा। 

बड़े सेक्टर, जिन पर सरकार करेगी खर्च
मद 2018-19 2017-18
शिक्षा  26 फीसदी 24 फीसदी
स्वास्थ्य  13 फीसदी 12 फीसदी
परिवहन 10 फीसदी 09 फीसदी

delhi budget - फोटो : G. pal
1.
पानी की चोरी एवं बर्बादी पर सरकार सख्त

पानी की चोरी एवं बर्बादी रोकने के लिए पूरी दिल्ली में तीन हजार जगहों पर बल्क वाटर मीटर लगाए जाएंगे। दिल्ली जल बोर्ड को करीब 47 प्रतिशत पानी का राजस्व प्राप्त नहीं होता है। संभवत यह पानी चोरी होता है या फिर लिकेज के माध्यम से बह जाता है। पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए वजीराबाद जलशोधक संयंत्र के क्षेत्र में 80 किलोमीटर लंबे पुराने नेटवर्क को बदला जाएगा। अगले वर्ष बेहतर पेयजल आपूर्ति और सीवरेज की योजनाओं के लिए 2777 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 

2.
1000 करोड़ से सुधरेगी निगम की सड़कों की हालत
सरकार ने तीनों नगर निगमों की उन सभी सड़कों एवं गलियों को बनाने का निर्णय लिया है जो टूटी हुई हैं या जो अभी तक बनाई नहीं गई हैं। इसके लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि तीनों नगर निगम को नहीं दी जाएगी, बल्कि इस राशि से दिल्ली सरकार स्वयं इसका निर्माण या मरम्मत करवाएगी। 6903 करोड़ रुपये तीनों नगर निगम को देने का ऐलान किया। यह राशि पूरे बजट का 13 फीसदी है और गत वर्ष की तुलना में 9.88 फीसदी अधिक है। 

3.
केजरीवाल का कहना है कि बजट में हर व्यक्ति का ख्याल रखा गया है। महिलाओं, छात्रों, व्यापारियों व विशेषकर पर्यावरण पर विशेष जोर दिया गया है। हर साल 25 हजार युवकों को रोजगार देने का लक्ष्य है। कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में बजट में महज 4 हजार करोड़ का इजाफा किया वहीं आप की सरकार ने तीन साल में बजट में 26 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि की है। यह ईमानदार सरकार का नतीजा है। बजट में लीकेज नहीं होने दिया गया। 

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार का बजट आंकड़ों की बाजीगरी का खेल हैं। सरकार ने संवैधानिक स्वीकृति लिए बिना योजनाओं की घोषणाएं की हैं। इसके चलते जनता को केवल निराशा ही हाथ आएगी। बजट प्रदूषण कम करने से लेकर राशन वितरण तक निजी कंपनियों से सांठगांठ वाला है। यह ग्रीन बजट के बजाए रेड बजट है। 
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delhi budget - फोटो : twitter
4.
2 करोड़ लोगों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा, 100 करोड़ का प्रावधान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आयुष्मान भी दिल्ली वालों को मिलेगा। दो करोड़ से ज्यादा की आबादी को केजरीवाल सरकार स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने जा रही है। इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना का लाभ इसी साल 1 दिसंबर से लोगों को मिलेगा। अगले महीने से राजधानी में हेल्थ कार्ड बनना शुरू होगा। जिसमें मरीजों का पूरा डाटा होगा। 

5.
खेतों में पैदा होगी बिजली
अब खेतों में बिजली ही नहीं बिजली की पैदावार भी होगी। किसान फसल के साथ ही बिजली उत्पाद कर कमाई भी कर सकेंगे। दरअसल दिल्ली सरकार ने ग्रीन बजट में बतौर पायलट प्रोजेक्ट एग्रीकल्चर कम सोलर फार्म स्कीम के नाम से नई योजना लाने जा रही है। इसके तहत दिल्ली के खेतों में सोलर पैनल लगाया जाएगा। इससे किसान सौर उर्जा उत्पादन के साथ-साथ अपनी खेती भी जारी रख सकेंगे। 

6.
स्कूलों में लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस कक्षाएं 
विपरीत परिस्थितियों में आत्म रक्षा करने में सक्षम बनाने के लिए सभी सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस कक्षाएं शुरू होंगी। इससे वह किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए शारीरिक व मानसिक रुप से सक्षम हो सकेंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के बजट में 10 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की गई है।

7.
1.2 लाख सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए सभी सरकारी स्कूलों में लगभग 1.2 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रत्येक भवन में 150-200 तक कैमरे लगाए जाएंगे। इससे अभिभावक इंटरनेट के माध्यम से स्कूल में अपने बच्चों की गतिविधियों को देख सकेंगे।

8.
आगामी सत्र से हैप्पीनेस करिकुलम
दिल्ली सरकार आगामी सत्र से स्कूली बच्चों के लिए हैप्पीनेस करिकुलम पेश करेगी। इस पाठ्यक्रम में ऐसे घटक शामिल किए जाएंगे जो तनाव व चिंता कम करने वाले हों और बच्चों को खुशहाल जिंदगी जीने में सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।

9.
सीएनजी चालित वाहन खरीदने पर पंजीकरण में 50 फीसदी की छूट
सीएनजी चालित कंपनी फिटेड निजी कार खरीदने वालों को पंजीकरण पर 50 फीसदी की छूट मिलेगी। ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए 30 हजार की सब्सिडी जारी रखेगी। एक हजार इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक निजी कार पर सब्सिडी मिलेगी। 
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