मंगलवार को जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि यमुना नदी अब साल 2025 नहीं दिसंबर 2023 तक साफ हो जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यमुना नदी और दिल्ली के नाले इतने स्वच्छ व निर्मल होंगे कि उनमें मछलियां तैरती हुई नजर आएंगी। साथ ही बताया है कि अगले 15 महीनों में सभी क्षेत्रों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा राजधानी के भूजल स्तर सुधारने को लेकर प्रभावी प्रयास होंगे।
दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई को लेकर दावा किया है कि अब साल 2025 नहीं बल्कि दिसंबर 2023 तक नदी पूरी तरह से साफ हो जाएगी। दिल्ली सरकार के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने नदी साफ करने की समयसीमा को कम करते हुए विश्वास जताया है कि 2023 यमुना साफ करने के साथ-साथ सभी नालों को भी पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा। दिल्ली के नाले और यमुना इतनी साफ होगी कि यहां पानी में मछलियां तैरती हुई नजर आएंगी।
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मंगलवार को एसोचैम द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को जल मंत्री सत्येंद्र जैन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में दिल्ली के अपशिष्ट जल को टैप किया जाएगा और अगले 15 महीनों में सभी क्षेत्रों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। मुझे विश्वास है कि हम सभी को दिल्ली में नदी के किसी भी हिस्से में डुबकी लगाने के लिए आमंत्रित करेंगे। जानकारी के अनुसार इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2025 तक नदी को साफ करने की संभावना जताई थी।
अगले दस सालों के भीतर 50 साल पहले जैसा होगा दिल्ली का भूजल स्तर
कार्यक्रम के दौरान सत्येंद्र जैन ने कहा कि सरकार के प्रयासों से अगले पांच से 10 साल में दिल्ली का भूजल स्तर उतना ही अच्छा होगा, जितना 50 साल पहले था। पल्ला पायलट परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि यह शहर की जल आपूर्ति बढ़ाने का दिल्ली सरकार के प्रयास की एक हिस्सा थी। जिस मानसून के समय बाढ़ के मैदानों पर उथले जलाशयों में अतिरिक्त पानी को बनाए रखना था। इसी के तहत दिल्ली-हरियाणा के पास राजधानी के उत्तरी बाहरी क्षेत्र में 25 एकड़ भूमि पर एक प्रयोग किया गया। यह सफल साबित हुआ है, जिसे हम दोहरा रहे हैं।