दिल्ली में पेड़ों के कटने से पर्यावरण पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण जैव विविधता की स्थिति भी खराब हो रही है। अब स्कूली बच्चे दिल्ली को हरा-भरा बनाएंगे। दिल्ली के प्रत्येक एरिया के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पेड़-पौधे लगाने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
चालू सत्र (2022-23) से हरी और साफ दिल्ली का महत्व बताने के लिए स्कूलों में एक अगस्त से 15 अगस्त तक वन महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके तहत वन विभाग ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में डेढ़ लाख पौधे लगाने का दायित्व सौंपा है।
इसके लिए आगामी 10 अगस्त को वृक्षारोपण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में बच्चों का सक्रिय सहभगागिता हो।
इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक स्कूल को ईको क्लब के माध्यम से 30 पेड़ व 70 झाड़ी वाले पौधे लगाना जरूरी किया गया है। इसकी देखभाल का जिम्मा भी स्कूलों को उठाना होगा। स्कूलों को वृक्षारोपण की मासिक रिपोर्ट भी शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी।
इस रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि कितने पेड़ जीवित हैं और कितने देखभाल नहीं होने से खराब हो गए। इस वन महोत्सव के लिए शिक्षा निदेशालय ने एक एक्शन प्लॉन तैयार किया गया है। सबसे पहले पूरे सत्र के दौरान स्कूलों को एक लाख पचास हजार पेड़-पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं स्कूल कैंपस को हरा बनान के लिए जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान सेमिनार, वेबिनार, निबंध, स्लोगन, पेटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएंगी।