दिल्ली सरकार के स्कूलों में बच्चे अब इंडोर गेम से अपने दिमाग को तेज करते नजर आएंगे। सरकार ने तीसरी से पांचवीं तक की कक्षा के बच्चों के लिए शतरंज, कैरम, पज्जल स्क्रैबल, मोनोपॉली को क्लास रुम गेम में शामिल करने का फैसला किया है। यह ऐसे खेल हैं जिनसे बच्चों में ना केवल एकाग्रता बढ़ाई जाएगी बल्कि मानसिक क्षमता व आत्मविश्वास को भी बढ़ाया जाएगा। वहीं, यदि कोई बच्चा शतरंज में रुचि दिखाएगा तो उसे कोचिंग भी प्रदान की जाएगी।
शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी सरकारी स्कूल प्रमुखों को इसकी जानकारी भेजी गई है। निदेशालय का कहना है कि इस उम्र में बच्चों के लिए खेल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन कुछ कारणों और जगह की कमी के कारण बहुत से बच्चे आउटडोर खेल नहीं खेलते हैं। ऐसे में उनकी एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को बढ़ाने में कुछ इनडोर खेल बच्चों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसलिए, तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए पांच इंडोर खेलों को क्लास रुम गेम के रुप में शामिल करने का निर्णय लिया है।
निदेशालय का कहना है कि स्कूल इन खेलों के अलावा अन्य इंडोर खेलों को भी शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा नर्सरी से दूसरी कक्षा के छात्रों के लिए सॉफ्ट टॉयज, बॉल को क्लासरूम गेम के रुप में शामिल किया गया है। स्कूलों को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के फंड से इन्हें खरीदने के लिए कहा है। स्कूल प्रमुखों को यह भी सुनिश्चित करना है कि कक्षा शिक्षक बच्चों को खेल की बेसिक जानकारी उपलब्ध कराए।
शतरंज की कोचिंग प्रदान की जाएगी, बच्चों की पहचान करें
निदेशालय ने कहा कि शतरंज में रुचि दिखाने वाले बच्चों को कोचिंग प्रदान करने का प्रस्ताव है। शिक्षक अक्तूबर केपहले सप्ताह में शतरंज का बुनियादी ज्ञान रखने वालों की पहचान करेंगे। बच्चों की यह सूची शिक्षकों को नर्सरी प्राइमरी शाखा को दस अक्तूबर तक भेजनी है।