स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी कि गाजीपुर फूल मंडी आईईडी से जुड़े कुछ युवक ओल्ड सीमापुरी में रह रहे हैं। शुरू में पुलिस को वह मकान नहीं मिला था, जिसमें आरोपी युवक रह रहे थे। मुखबिर ने बृहस्पतिवार को मकान का सही पता बता दिया। पुलिस को घर के बाहर ताला लगा मिला। मकान मालिक को बुलाकर ताला तोड़ा गया तो कमरे के अंदर एक बड़ा बैग मिला।
उसमें आरोपियों के कपड़े थे और कुछ दूरी पर लैपटॉप वाला पिट्ठू बैग रखा था। उसे खोला गया तो उसमें पार्सल मिला। वह बिल्कुल ऐसा था जैसा गाजीपुर फूल मंडी में मिला था। पार्सल को पीले रंग की टेप से लपेटा हुआ था। बैग के अंदर करीब छह 12 बोल्ट की बैटरी व दो कटर भी मिले।स्पेशल सेल की टीम को कुछ संदिग्ध लगा तो 100 नंबर पर कॉल की गई।
पार्सल पर कवरिंग व पैकेज से पुलिस टीम को संदेह हुआ था। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) को मौके पर बुलाया गया। बीडीएस ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद एनएसजी को बुलाया गया। एनएसजी ने साफ किया कि पार्सल में विस्फोटक है। रोबोट के जरिए पार्सल को खाली मैदान में ले जाया गया, जहां आईईडी को डिफ्यूज किया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल की टीम संदिग्धों की तलाश में ओल्ड सीमापुरी गई थी। उसे ये पता नहीं था कि मौके से कुछ विस्फोटक मिलेगा।
कितने थे युवक, नहीं चला पता
आरोपी युवकों ने मकान किराए पर लेते समय छोटा व्यवसाय करने की बात कही थी। पुलिस को मौके से भी किसी तरह की आईडी या आरोपियों की पहचान करने वाले कुछ भी कागजात नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम तक यह पता नहीं चल सका कि मकान में कितने युवक रह रहे थे। वहां दो से तीन युवकों के रहने की बात कही जा रही है।
स्थानीय बाजार से खरीदा बैग
जिस काले रंग के लैपटॉप के पिट्ठू बैग में आईडी मिली है वह लोकल बैग है। ऐसा लग रहा है कि उसे स्थानीय बाजार से ही खरीदा गया है। क्योंकि, उस पर कुछ नहीं नहीं लिखा है।