अदालत ने कहा कि झूठी प्राथमिकी के बाद न्यायालय का कीमती समय बर्बाद हुआ है। ऐसे में महिला को दो महीने की अवधि के लिए सप्ताह में पांच दिन, प्रत्येक दिन तीन घंटे स्कूल में समाज सेवा करनी होगी। वहीं, याचिकाकर्ता को रोहिणी अंचल में जांच अधिकारी के परामर्श से 50 पेड़ लगाने का भी निर्देश दिया है।
कहा कि प्रत्येक पेड़ की नर्सरी तीन साल की होगी और याचिकाकर्ता को आवंटित पेड़ों की पांच साल तक देखभाल करनी होगी। दोनों पक्षों ने समझौते के आधार पर प्राथमिकी रद्द करने का आग्रह किया था। महिला ने प्राथमिकी में कहा कि आरोपी ने उसे शराब पिलाई, जिसके बाद वह बेहोश हो गई और कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।