शिकायतकर्ता ने एक मतदाता पहचान पत्र दिया, लेकिन पीड़िता अपना घर नहीं दिखाना चाहती थी। जांच में पाया कि महिला का पता गलत है। संदेह होने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता के मतदाता पहचान पत्र का चुनाव आयोग से सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकला।
पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी व्यक्तियों जितेंद्र, कृष्ण पाल और चालक कृष्ण से घटना के बारे में पूछताछ की। साथ ही पुलिस ने आरोपियों का मोबाइल लोकेशन और सीडीआर की जांच की। आरोपी कभी भी शिकायतकर्ता के बताए जगह पर आए ही नहीं।
वहीं शिकायतकर्ता के सीडीआर का विश्लेषण करने पर पता चला कि वह भी कभी घटना स्थल पर नहीं गई। इसके बारे में पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। जांच में एक नया तथ्य सामने आया कि उसने सीमापुरी थाने में अपने असली नाम से सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी है। आरोपी महिला ने कुंडली, सोनीपत में भी सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा चुकी है।