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Excise Policy Case: कोर्ट ने व्यवसायी पिल्लई की चुनौती याचिका पर ईडी से मांगा जवाब, तीन नवंबर तक सुनवाई टली

Sat, 21 Oct 2023 09:38 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने  आबकारी नीति मामले के आरोपी हैदराबाद व्यवसायी पिल्लई की गिरफ्तारी एवं हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर ईडी से जवाब मांगा है। वहीं, ईडी के वकील ने दलील दी कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। 
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दिल्ली हाईकोर्ट
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने दिल्ली के विवादित आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के मामले के आरोपी हैदराबाद व्यवसायी अरुण रामचंद्र पिल्लई की गिरफ्तारी एवं हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। पिल्लई ने आरोप लगाया है कि उनसे जानकारी लेने के लिए उसे र्थड डिग्री यातना दी गई। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने ईडी से याचिका की विचारणीयता पर जवाब दाखिल करने को कहा है और सुनवाई तीन नवंबर के लिए स्थगित कर दी।

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याचिकाकर्ता के वकील नितेश राणा ने तर्क रखा कि ईडी के छह मार्च के गिरफ्तारी आदेश और निचली अदालत की उसके मुवक्किल को ईडी की हिरासत और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा जाना धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पीएमएलए की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तारी के लिए उसे कभी मौखिक या लिखित रूप से कोई आधार नहीं बताया गया। यह उनके संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। हिरासत के आदेश में इस बात को लेकर कुछ संतोषजनक नहीं कहा गया है कि क्या ईडी के पास यह विश्वास करने के लिए रिकार्ड पर सामग्री थी कि याचिकाकर्ता पीएमएलए के तहत अपराध का दोषी है।

याचिका में कहा गया है कि ईडी ने प्रतिशोधात्मक तरीके से और पूरी तरह से पीछे पड़ने की कवायद के रूप में जानकारी लेने के लिए जोर-जबरदस्ती की रणनीति अपनाई और उसके साथ-साथ अन्य आरोपियों को यातनाएं दी। ईडी को विवादित गिरफ्तारी आदेश के साथ हिरासत आदेशों के जरिए इस तरह के अवैध तरीके से कार्य करने में सक्षम बनाया गया, जो अपने आप में उक्त गिरफ्तारी आदेश और विवादित हिरासत आदेशों को रद्द करने का एक आधार है।
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ईडी के वकील ने दलील दी कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। वैसे अगले सुनवाई के दिन याचिकाकर्ता की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। निचली अदालत ने 8 जून को पिल्लई की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उनकी भूमिका कुछ अन्य आरोपियों की तुलना में अधिक गंभीर थी, जो अब भी जेल में हैं। प्रथम दृष्टया ईडी का मामला सही है। ईडी ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि पिल्लई भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान पाषर्द के, कविता के करीबी सहयोगी थे। ईडी का धनशोधन मामला सीबीआई की प्राथमिकी से जुड़ा है।

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