अदालत ने शिल्पा शेट्टी, राज कुंद्रा और पांच अन्य के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील फिल्मों के निर्माण और प्रसार जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए 41 लाख रूपये की धोखाधड़ी और हेराफेरी करने आरोप पर पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। दिल्ली के एक व्यवसायी ने इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मानसी मलिक ने मामले में एटीआर की मांग करते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तारीख तय की है। आर्टेक बिल्डर्स एलएलपी द्वारा अपने साथी विशाल गोयल के माध्यम से दायर की गई शिकायत में कहा गया है कि आरोपी व्यक्तियों ने एक योजनाबद्ध साजिश के तहत उन्हें अपनी कंपनी वियान इंडस्ट्रीज की एक शानदार तस्वीर दिखाकर यह बताकर धोखा दिया कि यह गेमिंग, एनिमेशन, लाइसेंसिंग, प्रौद्योगिकी, ब्यूटी प्रोडक्ट्स आदि के व्यवसाय में लगी हुई है। याची ने आरोप लगाया कि व्यवसायी से 41 लाख से अधिक का निवेश करने के लिए प्रेरित करने के बाद आरोपियों ने अपने स्वार्थ के लिए धोखाधड़ी की और पैसे की हेराफेरी की।
शिकायतकर्ता ने कहा हाल ही में समाचार रिपोर्टों के माध्यम से यह हमारे ज्ञान में आया है कि कंपनी निवेशकों को धोखा दे रही है और यह कंपनी ऊपर बताए गए किसी भी व्यवसाय से संबंधित नहीं है बल्कि मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करके और प्रसारित करके अश्लील फिल्में बनाने के व्यवसाय में है।
याची ने कहा कि कंपनी व अन्य सभी के खिलाफ नाजायज व्यापार, गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए और कंपनियों में बेईमान और धोखेबाज तरीके से निवेशकों को धोखा देने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिया जाए।
अधिवक्ता साहिल मुंजाल और अधिवक्ता रिया गांधी के माध्यम से दायर की गई शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि उक्त आरोपियों ने अनधिकृत व्यक्तिगत लाभ के लिए विभिन्न एजेंसियों की एक सीरीज का इस्तेमाल किया, जिससे आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग किया गया।
शिकायतकर्ता ने कहा कि कुंद्रा के साथ विवान इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सह-निदेशकों ने हमें अपनी कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और भारी मुनाफे का वादा किया। इतना ही नहीं आरोपी लोगों ने शिकायतकर्ता को कंपनी की एक बहुत ही आकर्षक तस्वीर दिखाई और बताया कि कंपनी अन्य सामानों के बीच गेमिंग, एनीमेशन, लाइसेंसिंग, प्रौद्योगिकी और सौंदर्य उत्पादों से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है।
याचिका में कहा गया है कि एक वर्ष के इंतजार के बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला और उन्हें यह महसूस हुआ कि कुछ गड़बड़ है। पूरी योजना सिर्फ एक षडयंत्र के तहत सोची समझी चाल थी जिसमें निवेशकों को बड़ी रकम निवेश करने और उनसे धोखाधड़ी के इरादे से रची गई।
याची ने कहा कि कुंद्रा व उसकी टीम ने उन्हें आज तक एक भी पैसा वापस नहीं किया। ऐसे में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।