दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे और बुधवार को भी यही स्थिति बरकरार रहने की संभावना है। यह बात कही है दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने। उन्होंने बुधवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली में कोरोना के हालातों के बारे में जानकारी दी।
सत्येंद्र जैन ने कहा कि आज दिल्ली में 10 हजार नए कोरोना के मामले आ सकते हैं। इसी के साथ दैनिक पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 10 प्रतिशत पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार आ रहे मामले यह साफ करते हैं कि देश में तीसरी लहर आ चुकी है और दिल्ली में पांचवीं लहर शुरू हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इन हालातों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वो अपने कोविड बेड की क्षमता को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर लें। वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में सिर्फ दो प्रतिशत बेड ही भरे हैं।
दिल्ली में कोरोना की पांचवीं लहर शुरू, पीक का इंतजार: स्वास्थ्य विभाग
दिल्ली में हर दिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकारा है कि राजधानी में अब कोरोना की पांचवीं लहर शुरू हुई है। साल 2020 में तीन बार कोरोना महामारी की लहर आई थी जबकि पिछले वर्ष अप्रैल से मई के बीच चौथी लहर दर्ज की गई थी। अब बीते 28 दिसंबर से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आई है जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे पांचवीं लहर के तौर पर देखना शुरू कर दिया है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 21 दिसंबर से दिल्ली में जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाई गई है। तब से लेकर 31 दिसंबर के बीच कुल 655 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है जिनमें 332 सैंपल में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है। जबकि बाकी सैंपल में डेल्टा और अन्य वैरिएंट पाए गए हैं। 30 से 31 दिसंबर के बीच 187 में से 152 सैंपल में ओमिक्रॉन मिला था। वहीं 21 से 28 दिसंबर के बीच 468 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई थी जिनमें से 180 सैंपल में ओमिक्रॉन पाया गया। इस दौरान 147 सैंपल में डेल्टा वैरिएंट भी मिला था।
नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर से राजधानी में दैनिक संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन 28 दिसंबर के बाद इनकी संख्या में काफी वृद्घि दर्ज की गई है। 28 दिसंबर के बाद ही राजधानी में कोरोना की संक्रमण दर में रोजाना एक से दो फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि राजधानी में यह संक्रमण की नई लहर है। फिलहाल इस लहर का पीक कब तक आएगा? यह अगले एक से दो सप्ताह बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। उन्होंने कहा कि संक्रमित मरीजों की संख्या पैनिक कर रही है जबकि जमीनी स्तर पर हालात इतने गंभीर नहीं हैं। लोगों में हल्के लक्षण मिल रहे हैं। वहीं काफी लोगों में लक्षण तक नहीं हैं।