दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज राजधानी के सरकारी स्कूलों को 12430 नई कक्षाओं की सौगात दी है। इस मौके पर सरकार ने एक स्कूल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां मुख्यमंत्री ने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किए गए उनकी सरकार के सात साल के कामों का भी उल्लेख किया।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक जज का बच्चा, अधिकारी का बच्चा, मजदूर का बच्चा सभी एक साथ एक डेस्क पर बैठकर एक जैसी पढ़ाई कर रहे हैं। तो ये दिल्ली में जो सात साल से हो रहा है कि वो 75 साल में क्यों नहीं हुआ। अगर 75 साल पहले से सभी को ऐसी शिक्षा मिलने लगती तो गरीबी नहीं रहती, अनपढ़ नहीं रहते लोग।
केजरीवाल ने कहा कि इसीलिए मैं एक प्रस्ताव रख रहा हूं कि देश का कोई भी राज्य जो अपनी शिक्षा व्यवस्था दिल्ली की तरह करना चाहता है उसे हम कुछ दिन के लिए मनीष सिसोदिया जी को लोन पर दे देंगे। दिल्ली में अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक भी बड़े अच्छे हो गए। अगर दूसरे राज्य अपने यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था दिल्ली जैसी करना चाहते हैं तो हम उन्हें कुछ दिन के लिए सत्येंद्र जैन को लोन पर दे देंगे।
हमारा ये मकसद नहीं है कि हर जगह चुनाव लड़कर जीतें। हम कोई नेपोलियन नहीं हैं कि घोड़ा लेके चला था और जीत हासिल की, हमारा मकसद देश है। हम चाहते हैं कि कोई राज्य अच्छा काम करना चाहता तो करे, हम उसकी मदद के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि देश आगे बढ़े, सभी मिलकर विकास करें। अच्छा काम करके उन्हें वोट मिलता है वो जीतते हैं तो अच्छी बात है, हमें क्या करना है।
सीएम आगे बोले, देश में सबको अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का अधिकार है। हर जगह तरक्की होनी चाहिए। इसलिए आज हम एलान कर रहे हैं कि कोई भी हमसे मदद मांगेगा हम उसकी मदद करेंगे।
पिछले कुछ दिन मैं देख रहा हूं, सारे नेता कह रहे हैं कि केजरीवाल आतंकवादी है। वो जिसे आतंकवादी कहते हैं, उसने आज 12,430 स्मार्ट क्लासरूम देश को समर्पित किए। यहां अब अफसरों, जजों, रिक्शे वाले और मजदूर के बच्चे एक ही डेस्क पर बैठ कर पढ़ेंगे। उनका आतंकवादी बाबा साहिब और भगत सिंह के सपने पूरे कर रहा है।
नेताओं को सबसे बड़ा स्कूल से लगता है। अगर अच्छे स्कूल बन गए तो नेताओं को जाति-धर्म की राजनीति खत्म हो जाएगी। इन स्कूलों में बच्चे कट्टर देशभक्त निकलेंगे। ये बच्चे देश के विकास के नाम पर वोट देंगे। ये लोग कहते हैं कि केजरीवाल सब फ्री में दे रहा है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अगर मैं स्कूलों में गरीबों के बच्चों को फ्री शिक्षा दे रहा हूं, अस्पतालों में गरीबों को फ्री इलाज दे रहा हूं तो इससे किसे परेशानी है। भगत सिंह ने एक नारा दिया था इंकलाब जिंदाबाद... आज मैं एक नारा दे रहा हूं इंकलाब जिंदाबाद, शिक्षा क्रांति जिंदाबाद...।