स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को मौलाना आजाद दंत चिकित्सा संस्थान में नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर ओरल हेल्थ एंड टोबैको सिसेशन (एनआरसी-ओएच-टीसी) का उद्घाटन किया। साथ ही एनआरसी-ओएच-टीसी के आधिकारिक लोगो (प्रतीक चिन्ह) का शुभारंभ किया। यह देश के कुल 315 दंत कॉलेज में पहला राष्ट्रीय केंद्र है। स्वास्थ्य मंत्री जैन ने कहा कि लोगों को तंबाकू व मादक पदार्थो के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने, देश के दंत चिकित्सकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और दंत स्वास्थ्य को लेकर अनुसंधान करने के उद्देश्य से यह केंद्र स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू शरीर के लिए धीमा जहर है। तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इसके सेवन से कैंसर, अवसाद, नपुंसकता जैसी खतरनाक बीमारियां होने की संभावना होती है। तंबाकू के सेवन से दिमाग और तंत्रिका कमजोर हो जाती है। जैन ने कहा कि धूम्रपान छोड़ने के लिए सबसे पहले व्यावहारिक होना बेहद जरूरी है। सभी को यह समझना होगा कि मुंह का स्वास्थ्य शरीर के स्वास्थ्य के जितना ही जरूरी है।
केंद्र में दंत चिकित्सकों को दिया जाएगा बेहतर प्रशिक्षण
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि देश व दिल्ली के दंत चिकित्सकों को इस केंद्र में बेहतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम व सत्र कराए जाएंगे। साथ ही अनुसंधान कराने, सरकार के लिए नीति विकसित करने और सहयोग करने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी यहां आयोजित किए जाएंगे।
केंद्र में असहाय और जरूरतमंद लोगों को मिलेगी मदद
मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान की निदेशक डॉक्टर संगीता तलवार ने कहा कि केंद्र शोध और तंबाकू समाप्ति में दंत स्वास्थ्य पेशेवरों के दायरे को विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे बहुत से असहाय और उन जरूरतमंदों को मदद मिलेगी है, जो तंबाकू के सेवन के प्रभाव से अनजान हैं।
एनआरसी-ओएच-टीसी का लक्ष्य
1. ज्यादा से ज्यादा लोगों को तंबाकू व मादक पदार्थो के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना
2. सामाज के हर तबके के लोगों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने के प्रति सशक्त बनाना
3. केंद्र में अनुसंधान होगा। स्वास्थ्य शिक्षा के लिए अलग अलग भाषा में रिसर्च पेपर बनाएं जाएंगे, जोकि देश के अलग-अलग जगहों पर वितरित किए जाएंगे।
4. केंद्र द्वारा सरकार की नीति को विकसित करने और सहयोग करने में योगदान रहेगा, जिससे सरकार की नीतियां सभी लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाए।
5. देश के दंत चिकित्सकों को प्रशिक्षण देना।
6. तंबाकू का सेवन करने वालों या फिर धूम्रपान करने वालों को जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए इसके नुकसान के बारे में बताना
7. लोगों को शिक्षित करने के अलावा ये लोगों को तंबाकू की आदत छोड़ने में सहयोग देगा।
8. तंबाकू की आदत छूटने के बाद यह दोबारा न आए, इसके लिए इलाज के बाद भी रोगियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। सलाह और सहायता प्रदान की जाएगी।