मुफ्त योजनाएं विकास में बाधक
दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 76,000 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। सरकार ने चुनावी वर्ष में जो बजट पेश किया है, वह देखने में ठीक लग रहा है, लेकिन मुफ्त योजनाएं समग्र आर्थिक विकास के लिए अच्छी नहीं होती हैं। दिल्ली सरकार ने चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा की है, जबकि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को आगे बढ़ाया है। आर्थिक परिपेक्ष्य में इसे सही नहीं ठहराया जा सकता।
केजरीवाल सरकार की मुख्य खासियत हमेशा मुफ्त चीजें देना रही है और यह संसदीय चुनाव का साल है, इसलिए वह मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा करके एक कदम आगे बढ़ गई है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का परिव्यय बढ़ाना भी इसी तर्ज पर है। लोगों को इस तरह की मुफ्त चीजें देना न तो मानव विकास के लिए अच्छा है, न ही समग्र आर्थिक विकास के लिए। ऐसी नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव सकारात्मक नहीं होगा।
आर्थिक रूप से सुदृढ़ बजट वह होता है जो बुनियादी ढांचे के विकास और सार्वजनिक संपत्तियों और निवेश वस्तुओं के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है। बुनियादी ढांचे पर दिल्ली सरकार के बजट का आवंटन केवल परिवहन क्षेत्र तक ही सीमित रहा है। दिल्ली सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता बना रखा है, लेकिन इस वर्ष उसमें बढ़ोतरी की आवश्यकता थी। कुल मिलाकर यह विकासात्मक बजट के बजाय चुनावी वर्ष का बजट है। - प्रो. दीप्ति तनेजा, डीयू अर्थशास्त्र प्रोफेसर