वहीं, इस बारे में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि हड्डी रोग विभाग में थ्रीडी सी-आर्म मशीन आने से सभी प्रकार की सर्जरी की सटीकता और गुणवत्ता बेहतर हो जाएगी। इसकी मदद से थ्री डाइमेंशन तस्वीर प्राप्त होंगी और डॉक्टर अलग-अलग कोण से सर्जरी की स्थिति को देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि रीढ़, कूल्हे, जोड़ों की सर्जरी करना काफी जटिल माना जाता है। इन मशीन की मदद से अब अस्पताल में यह सर्जरी भी आसान हो जाएगी। अस्पताल में अभी तक 2डी सी-आर्म मशीन का प्रयोग होता था।
ओपीडी में आते हैं 700 मरीज
हड्डी रोग विभाग में रोजाना 700 मरीज ओपीडी में इलाज करवाने आते हैं। इनमें से करीब 100 मरीज गंभीर होते हैं। इन गंभीर मरीजों में काफी लोगों को सर्जरी की जरूरत होती है। मौजूदा समय में अस्पताल में आधुनिक मशीन नहीं थी जिस कारण मरीजों को लंबी तारीख मिल रही थी। आधुनिक मशीन आने के बाद सर्जरी की गुणवत्ता सुधरने के साथ रफ्तार भी बढ़ेगी। इससे मरीजों का इंतजार कम होगा।
सर्जरी की नहीं रहेगी जरूरत
3 डाइमेंशनल इमेज की मदद से इंप्लांट को लगाने में मदद मिलेगी। डॉक्टरों का कहना है कि इस इमेज की मदद से इंप्लांट को लगाते समय देखा जा सकेगा। ऐसा होने पर इंप्लांट गलत लगने की आशंका पूरी तरह से खत्म हो जाता है।