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Delhi Rohini Court Blast: रोहिणी कोर्ट 102 के बाहर विस्फोट, सिपाही घायल, रोकी गई सभी अदालती कार्यवाही

Thu, 09 Dec 2021 01:04 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एहतियात के तौर पर कोर्ट की सभी कार्यवाही रोक दी गई है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और किसी भी तरह की लापरवाही न हो इसका भी ध्यान रख रही है।
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Delhi Rohini Court Blast - फोटो : ANI
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विस्तार
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रोहिणी अदालत में गुरुवार सुबह कोर्ट संख्या 102 में धमाका हो गया। इसके बाद कोर्ट रूम में अफरा-तफरी मच गई। अदालत में मौजूद लोग भागने लगे। धमाके में कोर्ट रूम में मौजूद एक सिपाही घायल हो गया, जिसे कैट्स एंबुलेंस से तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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धमाका लोगों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सी के पीछे हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस उपायुक्त समेत सभी आला अधिकारी, स्पेशल सेल के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की टीम और फोरेंसिक टीम को बुला लिया गया।

पुलिस को मौके से क्षतिग्रस्त लैपटॉप, सफेद पाउडर, टिफिननुमा एक चीज, पेंच और कलपुर्जे और तार मिले। फोरेंसिक टीम ने बरामद चीजों को जब्त कर जांच में जुट गई है। छानबीन के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे कम क्षमता वाला विस्फोट बताया।

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पहले फैली थी गोली चलने की अफवाह

पुलिस के मुताबिक, यह एक तरह का क्रूड बम था। धमाका लैपटॉप बैग में हुआ है। इसमें किस तरह के विस्फोटक रखे गए थे, इसकी जांच की जा रही है। छानबीन के दौरान पुलिस ने परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को कब्जे में कर आरोपी की पहचान करने में जुट गई है।

लगभग 10.40 पर हुआ धमाका

इससे पहले गुरुवार सुबह रोज की तरह कोर्ट संख्या 102 में महानगर दंडाधिकारी प्रीतु राज की अदालत में एक मामले की सुनवाई चल रही थी। कोर्ट में करीब एक दर्जन लोग मौजूद थे। 10:40 बजे अचानक धमाका हो गया। धमाके में कोर्ट रूम में मौजूद सुल्तानपुरी थाने का सिपाही राजू घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसके पैर और कमर में गहरा घाव हो गया है।

उधर, धमाके की सूचना मिलते ही रोहिणी जिला के पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल, एसीपी आरती शर्मा व अन्य पुलिस बल कोर्ट पहुंच गए। दमकल की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। अर्द्धसैनिक बल के जवानों को मौके पर बुलाकर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। लोगों को परिसर से बाहर निकालकर सभी गेट को बंद कर जांच शुरू कर दी गई।

शुरुआती जांच के बाद बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में विस्फोट हुआ है। हालांकि जांच का दायरा बढ़ते ही पुलिस ने इसे कम क्षमता वाला विस्फोट बताया गया है। इस सूचना के बाद स्पेशल सेल व एनएसजी के अधिकारी के साथ साथ फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।

पुलिस ने गेट संख्या चार पर लगे उच्च क्षमता वाले दो कैमरों के फुटेज को कब्जे में कर लिया। पुलिस को आशंका है कि बैग को गेट संख्या चार के पास से ही लाया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विस्फोट के समय कोर्ट में किसी भी संवेदनशील मामले की सुनवाई नहीं चल रही थी।

मौके से मिले साक्ष्य की फोरेंसिक जांच के बाद ही विस्फोट के बारे में कुछ भी कहना संभव होगा, फिलहाल सभी पहलूओं से मामले की जांच की जा रही है।
- प्रणव तायल, पुलिस उपायुक्त, रोहिणी

गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की रोहिणी कोर्ट रूम में हुई थी हत्या

ढाई माह पहले सितंबर माह में रोहिणी कोर्ट संख्या 207 में आठ लाख के इनामी गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वकील की ड्रेस में कोर्ट रूम में मौजूद बदमाशों ने जितेंद्र गोगी पर ताबड़तोड़ गोली चला दी थी, जिसमें गोगी की कोर्ट रूम में ही मौत हो गई।

अफरा-तफरी के बीच पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली चलाने वाले दो बदमाशों की भी मौत हो गई। जांच में कोर्ट परिसर के सुरक्षा में खामी सामने आई। बदमाश वकील की पोशाक पहनकर कोर्ट परिसर में घुसे थे और कोर्ट रूम में घटना को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि जेल में बंद टिल्लू ताजपुरिया ने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया था।

सुरक्षा में किया गया था बदलाव फिर भी हुई चूक

रोहिणी कोर्ट में 24 सितंबर को हुए शूटआउट के बाद सात जिला अदालतों की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। बावजूद कोर्ट रूम में विस्फोट के पहुंचने को सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद दिल्ली के सभी सात जिला अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया गया था।

दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने 28 सितंबर को वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद सुरक्षा में बदलाव किया था। जिला अदालत की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी दस्ते के साथ साथ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (सीपीएमएफ) को सौंपी गई थी। उसके बाद से अदालत परिसर में आने वाले लोगों की जांच की जा रही थी। पुलिस ने सुरक्षा में चूक की भी जांच शुरू कर दी है। इससे पहले जिला पुलिस सभी अदालतों की सुरक्षा में तैनात थी। बैठक में जल्द ही सिक्योरिटी यूनिट को ऑडिट करने के निर्देश भी दिए गए थे।
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अदालत में हुए हमलों के मामले

. 24 सितंबर 2020 को विचाराधीन कैदी जितेंद्र गोगी की कोर्ट के अंदर घुसकर हत्या
. 30 मई 2018- तीस हजारी अदालत में जेल वैन के अंदर बैठे कैदी दिनेश की नाबालिग ने गोली मारकर हत्या कर दी।
. 13 नवंबर 2017- रोहिणी कोर्ट में पेशी के बाद बाहर निकले बदमाश की पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
. 29 अप्रैल 2017- फरीदाबाद से पेशी के लिए रोहिणी अदालत में लाए गए कैदी राजेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर को मौके पर पकड़ लिया गया।
. 26 अगस्त 2015- रोहिणी कोर्ट से लौटते समय नीरज बवाना एवं उसके साथियों ने जेल वैन में दो कैदियों की पीट पीटकर हत्या कर दी। 24 जुलाई 2015- रोहिणी कोर्ट में सीरियल रेपिस्ट पर पेशी के दौरान किया गया हमला।
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