प्रदर्शनकारी हाथ में मुझे चाहिए साफ पानी के नारे लिखे हुए होर्डिंग लिए हुए थे। इसमें महिला कार्यकर्ता आगे थीं। जबकि मुख्य गेट पर उस वक्त महिला सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थी। इसी बीच प्रदर्शनकारी महिलाएं गेट को धक्का देते हुए अंदर घुस गईं।
उनके पीछे-पीछे पुरूष प्रदर्शनकारी भी अंदर घुस गए। परिसर का सुरक्षा घेरा टूटने से सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में महिला सुरक्षाकर्मी दौड़ते हुए प्रदर्शनकारियों के सामने आईं और घेरा बनाकर रोका।
सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर वापस भेजा। इस दौरान कई महिलाएं जमीन पर बैठ गईं। काफी हीलाहवाली व मशक्कत के बाद पुलिस करीब बीस मिनट बाद प्रदर्शनकारियों को वापस लौटा सकी।
उधर, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने इसकी तीखी निंदा की। बकौल विधानसभा अध्यक्ष, यह भाजपाइयों की गुंडागर्दी की चरमसीमा है। विधानसभा परिसर में महिलाओं को घुसाया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने सारी मर्यादाओं को तोड़ दिया है। सदन की गरिमा को तोड़ा गया है। अगर विपक्ष गुंडागर्दी करता है तो विपक्ष की कोई बात नहीं सुनूंगा। इसके लिए चाहे मीडिया हमें हिटलर कहे।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत प्याज की कीमतों पर चर्चा कराने से भी इंकार कर दिया। इसी दौरान सत्ता पक्ष के सभी विधायक वेल में आ गए और विपक्ष के सदस्यों के साथ नोंकझोंक की। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष चर्चा कराने की मांग करते रहे। करीब 2.30 बजे मार्शल से नेता प्रतिपक्ष को बाहर निकलवा दिया। इससे नाराज विपक्ष वॉक आउट कर गए।